यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Masik Shivratri पर इन कार्यों से बनाएं दूरी, तभी प्रसन्न होंगे महादेव और पूजा होगी सफल
पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह में मासिक शिवरात्रि का त्योहार 01 सितंबर (Masik Shivratri 2024 Date) को मनाया जाएगा। इस दिन कुंवारी लड़कियां मनचाहे वर की ...और पढ़ें

HighLights
- मासिक शिवरात्रि महादेव और मां पार्वती को समर्पित है।
- इस पर्व को महत्वपूर्ण माना जाता है।
- इस दिन कुछ गलतियों को करने से बचना चाहिए।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। शिव पुराण में मासिक शिवरात्रि के पर्व का विशेष उल्लेख किया गया है। प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन मासिक शिवरात्रि व्रत किया जाता है। इस तिथि पर महादेव और मां पार्वती की पूजा-अर्चना की जाती है। साथ ही जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना की जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन कुछ गलतियों को करने से भगवान शिव अप्रसन्न हो सकते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri 2024) के दिन किन कार्यों को करने से बचना चाहिए।
मासिक शिवरात्रि शुभ मुहूर्त
भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 01 सितंबर को देर रात 03 बजकर 40 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 02 सितंबर को सुबह 05 बजकर 21 मिनट पर होगा। मासिक शिवरात्रि पर निशा काल में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने का विधान है। ऐसे में 01 सितंबर को मासिक शिवरात्रि मनाई जाएगी।
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इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- मासिक शिवरात्रि के दिन घर और मंदिर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। इस दिन तामसिक भोजन जैसे प्याज, लहसुन के सेवन दूर रहें। मासिक शिवरात्रि के पर्व के दिन मांस और मदिरा का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए।
- इसके अलावा मासिक शिवरात्रि पर काले रंग के वस्त्र धारण न करें। क्योंकि सनातन धर्म में काले रंग को अशुभ माना जाता है। ऐसा करने से नकारात्मकता उत्पन्न हो सकती है, जिसकी वजह से परिवार में लड़ाई-झगड़े का सामना करना पड़ सकता है।
- पूजा के दौरान शिवलिंग पर सिंदूर और हल्दी अर्पित नहीं करनी चाहिए। माना जाता है कि शिवलिंग पर इन चीजों को चढ़ाने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है।
- व्रत के दौरान बुरे विचारों, बुरी संगति और बुरे शब्दों से दूर रहना चाहिए।
- किसी के प्रति गलत नहीं सोचना चाहिए।
- इस दिन ब्रह्मचर्य के नियम का पालन करना चाहिए।
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