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    Krishna Janmashtami 2026: चैत्र महीने में कब है मासिक कृष्ण जन्माष्टमी? यहां नोट करें शुभ मुहूर्त एवं योग

    Updated: Sun, 22 Feb 2026 08:30 PM (IST)

    सनातन धर्म में चैत्र मास का विशेष महत्व है, जिसमें चैत्र नवरात्रि और मासिक कृष्ण जन्माष्टमी जैसे पर्व मनाए जाते हैं। यह मास मां दुर्गा और भगवान कृष्ण ...और पढ़ें

    Krishna Janmashtami 2026: कृष्ण जन्माष्टमी का धार्मिक महत्व

    Krishna Janmashtami 2026: कृष्ण जन्माष्टमी का धार्मिक महत्व

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में चैत्र महीने का खास महत्व है। यह महीना जगत की देवी मां दुर्गा को समर्पित होता है। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से लेकर नवमी तिथि तक चैत्र नवरात्र मनाया जाता है। इस दौरान जगत की देवी मां दुर्गा और उनके नौ रूपों की पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त नवरात्र का व्रत रखा जाता है।

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    इसके साथ ही चैत्र महीने में कई प्रमुख व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं। इनमें मासिक कृष्ण जन्माष्टमी कृष्ण पक्ष में मनाई जाती है। इस शुभ अवसर पर जगत के पालनहार भगवान कृष्ण की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। आइए, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी की सही तिथि, शुभ मुहूर्त एवं योग जानते हैं।


    मासिक कृष्ण जन्माष्टमी शुभ मुहूर्त (Chaitra Masik Janmashtami 2026)

    वैदिक पंचांग के अनुसार, 11 मार्च को चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि देर रात 01 बजकर 54 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, 12 मार्च को सुबह 04 बजकर 19 मिनट पर अष्टमी तिथि समाप्त होगी। अष्टमी तिथि पर निशा काल (Nishita Kaal Puja Muhurat) में भगवान कृष्ण की पूजा की जाती है। इसके लिए 11 मार्च को मासिक कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी।


    मासिक कृष्ण जन्माष्टमी शुभ योग (Krishna Paksha Ashtami Tithi)

    ज्योतिषियों की मानें तो मासिक कृष्ण जन्माष्टमी पर दुर्लभ सिद्धि और शिववास योग का संयोग बन रहा है। सिद्धि योग का संयोग सुबह 09 बजकर 12 मिनट से है। इसके साथ ही शिववास योग का संयोग रात भर है। इन योग में भगवान कृष्ण और राधा रानी की पूजा करने से साधक को मनचाहा वरदान फल मिलेगा।

    खबरें और भी

    पंचांग

    • सूर्योदय - सुबह 06 बजकर 36 मिनट पर
    • सूर्यास्त - शाम 06 बजकर 27 मिनट पर
    • ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 58 मिनट से 05 बजकर 47 मिनट तक
    • विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 17 मिनट तक
    • गोधूलि मुहूर्त - शाम 06 बजकर 25 मिनट से 06 बजकर 49 मिनट तक
    • निशिता मुहूर्त - रात्रि 12 बजकर 06 मिनट से 12 बजकर 55 मिनट तक

    भगवान श्रीकृष्ण के मंत्र

    1. ॐ कृष्णाय नमः

    2. हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ।

    हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ।।

    3. ॐ श्री कृष्णः शरणं ममः

    4. ॐ देव्किनन्दनाय विधमहे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्ण:प्रचोदयात

    5. ॐ नमो भगवते तस्मै कृष्णाया कुण्ठमेधसे।

    सर्वव्याधि विनाशाय प्रभो माममृतं कृधि।।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।