Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Chaitra Navratri Day 7: आज है चैत्र नवरात्र का सातवां दिन, ऐसे करें मां कालरात्रि की पूजा, जानिए कैसा है देवी का स्वरूप ?

    Updated: Mon, 15 Apr 2024 09:19 AM (GMT+05:30)

    नवरात्र (Chaitra Navratri Day 7) के सातवें दिन भक्त माता काली की पूजा करते हैं जो देवी दुर्गा की उग्र स्वरूप हैं। देवी काली नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश क ...और पढ़ें

    Chaitra Navratri Day 7 Puja: ऐसे करें माता कालरात्रि की पूजा
    Chaitra Navratri Day 7 Puja: ऐसे करें माता कालरात्रि की पूजा

    HighLights

    1. नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा का विधान है।
    2. देवी काली मां दुर्गा के नौ स्वरूपों में से एक हैं।
    3. देवी कालरात्रि का रंग अंधेरी रात के समान गहरा है।

    धर्म डेस्क,नई दिल्ली। Chaitra Navratri Day 7 Puja: नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा का विधान है। देवी काली मां दुर्गा के नौ स्वरूपों में से एक हैं। ऐसा माना जाता है कि मां कालरात्रि की पूजा करने से जीवन की सभी नकारात्मकता समाप्त होती है। साथ ही गुप्त शत्रुओं का नाश होता है। अगर आप अपने जीवन के सभी कष्टों को दूर करना चाहते हैं, तो आपको देवी की पूजा अवश्य करनी चाहिए।

    यह भी पढ़ें: Navratri 2024 Kanya Pujan: कन्या पूजन के दौरान इन बातों का रखें विशेष ध्यान, वरना नहीं मिलेगा व्रत का पूर्ण फल

    माता कालरात्रि का प्रिय रंग

    नेवी ब्लू रंग देवी कालरात्रि को समर्पित है। यही वजह है कि भक्तों को देवी को ऑर्किड फूल चढ़ाने की सलाह दी जाती है।

    ऐसे करें माता कालरात्रि की पूजा

    • सुबह जल्दी उठकर पवित्र स्नान करें।
    • देवी का गंगाजल से अभिषेक करें।
    • कुमकुम का तिलक लगाएं।
    • देवी के सामने दीपक जलाएं और लाल गुड़हल की माला अर्पित करें।
    • देवी को प्रसन्न करने के लिए लौंग और कपूर अवश्य चढ़ाएं।
    • घर में बना हुआ भोग और गुड़ अर्पित करें।
    • वैदिक मंत्रों का जाप करें और हवन करें।
    • शाम के समय माता रानी की विशेष आरती करें।

    ऐसा है देवी कालरात्रि का स्वरूप

    सनातन धर्म में नवरात्र का पर्व बहुत भव्यता के साथ मनाया जाता है। इसके सातवें दिन साधक देवी कालरात्रि की पूजा करते हैं, जो मां दुर्गा की उग्र अभिव्यक्ति हैं। देवी काली राक्षसों, बुरी आत्माओं और नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश करने के लिए जानी जाती है। साथ ही वे भक्तों के जीवन का अंधकार दूर करती हैं। देवी कालरात्रि का रंग अंधेरी रात के समान गहरा है।

    खुले बाल, गले की मुंड माला उनके स्वरूप को और भी उग्र बनाता है। गधे पर सवार होकर देवी अपने भक्तों की सुरक्षा करती हैं और उन्हें आशीर्वाद प्रदान करती हैं।

    यह भी पढ़ें: Chaiti Chhath 2024: चैती छठ के तीसरे दिन अस्ताचलगामी सूर्य को दिया जाएगा अर्घ्य, जानें शुभ मुहूर्त

    डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'