Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Chaitra Navratri 2025: 5 या 6 अप्रैल, कब करें चैत्र नवरात्र में कन्या पूजन? यहां जानें पूरी डिटेल्स

    Updated: Mon, 24 Mar 2025 11:43 AM (IST)

    चैत्र नवरात्र का व्रत बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान लोग मां दुर्गा की पूजा करते हैं। माना जाता है कि इस अवधि में माता रानी की पूजा करने से ...और पढ़ें

    Chaitra Navratri 2025: कन्या पूजन नियम और समय।
    Chaitra Navratri 2025: कन्या पूजन नियम और समय।

    HighLights

    1. चैत्र नवरात्र हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है।
    2. चैत्र नवरात्र का व्रत देवी भक्तों के लिए बहुत महत्व रखता है।
    3. चैत्र नवरात्र का पर्व देवी दुर्गा की पूजा के लिए समर्पित है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। चैत्र नवरात्र हिंदू धर्म का एक विशेष पर्व है। यह त्योहार देवी दुर्गा को समर्पित है। इस दौरान साधक माता रानी के नौ रूपों की पूजा अलग-अलग दिन करते हैं और कठिन व्रत रखते हैं। इसके अलावा चैत्र नवरात्र (Chaitra Navratri 2025) में कन्या पूजन का भी बड़ा महत्व है। कन्या पूजन में कन्याओं को देवी दुर्गा के नौ रूपों का प्रतीक मानकर उनकी पूजा की जाती है। वहीं, यह अनुष्ठान इस व्रत का अहम भाग माना जाता है, तो आइए इस आर्टिकल में जानते हैं कि कन्या पूजन कैसे करना चाहिए?

    कन्या पूजन कब करना है? (Kanya Pujan 2025 Date And Time)

    चैत्र नवरात्र में कन्या पूजन अष्टमी या नवमी तिथि को किया जाता है। इस साल अष्टमी तिथि 5 अप्रैल और नवमी तिथि 6 अप्रैल को पड़ रही है, जिस वजह से अष्टमी तिथि की कन्या पूजन 5 अप्रैल और नवमी तिथि की कन्या पूजन 6 अप्रैल को की जाएगी। ऐसे में आप इन दोनों में से किसी भी दिन कन्या पूजन कर सकते हैं।

    यह भी पढ़ें: Gangaur Vrat 2025: गणगौर व्रत में भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना बढ़ जाएंगी जीवन की मुश्किलें

    कन्या पूजन विधि (Kanya Pujan 2025 Puja Vidhi)

    • इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
    • नौ कन्याओं को घर पर आमंत्रित करें और उनका स्वागत करें।
    • कन्याओं के पैरों को धोएं और उन्हें आसन पर बिठाएं।
    • कन्याओं को रोली, कुमकुम और अक्षत का तिलक लगाएं।
    • कन्याओं को फल, मिठाई और हलवा का भोग लगाएं।
    • कन्याओं को उपहार दें और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लें।
    • कन्या पूजन में तामसिक चीजों का उपयोग न करें।
    • इस मौके पर कोई काम ऐसा न करें, जिससे कन्याएं दुखी हों।

    कन्या पूजन मंत्र (Kanya Pujan 2025 Mantra)

    • "ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे नमः।।"
    • "ॐ दुं दुर्गायै नमः।।"

    कन्या पूजन भोग (Kanya Pujan 2025 Bhog)

    कन्या पूजन में कन्याओं को हलवा, पूरी, चना, नारियल और फल आदि का भोग लगाया जाता है।

    कन्या पूजन का धार्मिक महत्व (Kanya Pujan 2025 Significance)

    कन्या पूजन का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। ऐसा कहा जाता है कि कन्या पूजन करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। इसके साथ ही कन्या पूजन कन्याओं के सम्मान का भी प्रतीक है।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें: Somwar Puja Rules: सोमवार के दिन इन कामों से बनाएं दूरी, रखें इन बातों का ध्यान, जानें व्रत का सही नियम

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।