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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Chaitra Navratri 2025 Date: इस दिन से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्र, जानिए किस पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा

    By Pravin KumarEdited By: Pravin Kumar
    Updated: Wed, 26 Feb 2025 05:36 PM (IST)

    जगत की देवी मां दुर्गा की महिमा अपरंपार है। मां दुर्गा के शरणागत रहने वाले साधकों को जीवन में सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होत है। साथ ही जीवन में ...और पढ़ें

    Chaitra Navratri 2025 Date: चैत्र नवरात्र का धार्मिक महत्व
    Chaitra Navratri 2025 Date: चैत्र नवरात्र का धार्मिक महत्व

    HighLights

    1. सनातन धर्म में चैत्र नवरात्र का खास महत्व है।
    2. यह महीना जगत की देवी मां दुर्गा को समर्पित है।
    3. इस दौरान मां दुर्गा की भक्ति भाव से पूजा की जाती है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से लेकर नवमी तिथि तक चैत्र नवरात्र मनाया जाता है। इन नौ दिनों में जगत जननी आदिशक्ति मां दुर्गा और उनके नौ रूपों की पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त व्रत रखा जाता है। जगत की देवी मां दुर्गा की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है।

    सनातन शास्त्रों में जग की देवी मां दुर्गा की महिमा का वर्णन विस्तारपूर्वक किया गया है। मां अपने भक्तों के सभी दुख हर लेती हैं। साथ ही उनकी कृपा से साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। आइए, चैत्र नवरात्र (Chaitra Navratri 2025) की सही डेट एवं शुभ मुहूर्त जानते हैं-

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    शुभ मुहूर्त (Chaitra Navratri 2025 Start and End Date)

    वैदिन पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि शनिवार 29 मार्च को शाम 04 बजकर 27 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन यानी 30 मार्च को दोपहर 12 बजकर 49 मिनट पर समाप्त होगी। सनातन धर्म में उदया तिथि मान है। अतः 30 मार्च को घटस्थापना है। इस दिन से चैत्र नवरात्र की शुरुआत होगी।

    घटस्थापना समय

    वैदिक गणना अनुसार, 30 मार्च को घटस्थापना प्रातः काल (सुबह) 06 बजकर 13 मिनट से लेकर 10 बजकर 22 मिनट तक है। इस समय में घटस्थापना कर सकते हैं। इसके अलावा, अभिजीत मुहूर्त 12 बजकर 01 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 50 मिनट के मध्य भी घटस्थापना कर सकते हैं। इन दो शुभ योग में घटस्थापना कर सकते हैं।

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    शुभ योग

    चैत्र नवरात्र के पहले दिन यानी घटस्थापना तिथि पर सर्वार्थ सिद्धि योग और इंद्र योग का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही शिववास योग का भी संयोग है। इन योग में जगत जननी आदिशक्ति मां दुर्गा की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होगी। साथ ही जीवन में सुखों का आगमन होगा।

    मां दुर्गा का आगमन

    शशि सूर्य गजरुढा शनिभौमै तुरंगमे।

    गुरौशुक्रेच दोलायां बुधे नौकाप्रकीर्तिता॥

    गजेश जलदा देवी क्षत्रभंग तुरंगमे।

    नौकायां कार्यसिद्धिस्यात् दोलायों मरणधु्रवम्॥

    यह श्लोक देवीपुराण में निहित है। रविवार के दिन जगत की देवी मां दुर्गा गज यानी हाथी पर सवार होकर आती हैं। गज पर सवार होकर मां दुर्गा के आगमन को शुभ माना जाता है। इस दौरान मां दुर्गा की पूजा करने से शुभ कामों में सफलता मिलती है। साथ ही जीवन में व्याप्त सभी प्रकार के दुख एवं संकट दूर हो जाते हैं।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।