Chaitra Navratri 2026: जाग जाएगा सोया भाग्य, इस नियम से जलाएं दीपक, न करें ये गलतियां
चैत्र नवरात्र में दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है, जो ज्ञान और सकारात्मकता का प्रतीक है। ...और पढ़ें

Chaitra Navratri 2026: दीपक जलाने का सही नियम। (Ai Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्र का पावन पर्व बेहद शुभ माना जाता है। नवरात्र के इन नौ दिनों में अखंड ज्योति या सुबह-शाम दीपक जलाने का विशेष महत्व है। दीपक केवल रोशनी के लिए नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन से अंधकार और नकारात्मकता को मिटाने वाले ज्ञान का प्रतीक है। अक्सर लोग पूरी श्रद्धा से पूजा तो करते हैं, लेकिन दीपक जलाते समय कई सारी अनजाने में गलती कर बैठते हैं। ऐसा कहते हैं कि अगर दीपक सही दिशा और सही बत्ती के साथ दीपक न जलाया जाए, तो पूजा का पूरा फल नहीं मिलता है, तो आइए यहां दीपक से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण नियमों को जानते हैं।

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दीपक जलाने की सही दिशा
वास्तु शास्त्र और ज्योतिष के अनुसार, दीपक की लौ की दिशा आपके भाग्य पर सीधा असर डालती है।
- पूर्व दिशा (East) - अगर आप आरोग्य और लंबी आयु चाहती हैं, तो दीपक की लौ पूर्व दिशा की ओर रखें।
- उत्तर दिशा (North) - धन-धान्य और समृद्धि के लिए दीपक की लौ उत्तर दिशा की ओर होना सबसे शुभ माना जाता है।
न करें ये काम - लेकिन ध्यान रहे कि दक्षिण दिशा की ओर दीपक की लौ भूलकर भी न रखें, इसे पितरों की दिशा माना जाता है और सामान्य पूजा में इसे अशुभ माना जाता है।
घी या तेल? कौन सी बत्ती है आपके लिए सही?
- शुद्ध घी का दीपक - घी को सबसे ज्यादा सात्विक माना जाता है। घी का दीपक हमेशा भगवान के दाहिने हाथ की ओर रखना चाहिए। इसके लिए फूल बत्ती का प्रयोग कर सकते हैं।
- तेल का दीपक - शत्रुओं पर विजय और बाधाओं को दूर करने के लिए तिल के तेल का दीपक जलाया जाता है। इसे हमेशा भगवान के बाएं हाथ की ओर रखना शुभ माना जाता है। इसमें आप लंबी बत्ती का उपयोग कर सकते हैं।
भूलकर भी न करें ये बड़ी गलतियां (Mistakes to Avoid)
- खंडित दीपक - कभी भी टूटा हुआ दीपक इस्तेमाल न करें। यह घर में दरिद्रता और अशांति लाता है।
- जमीन पर सीधा दीपक - दीपक को कभी भी सीधे जमीन पर न रखें। इसके नीचे थोड़े अक्षत, फूल या कोई स्टैंड जरूर रखें। इसे आसन देना कहा जाता है।
- फूंक मारकर बुझाना - अनजाने में भी दीपक को फूंक मारकर न बुझाएं। अगर दीपक बुझ जाए, तो तुरंत हाथ जोड़कर क्षमा मांगें और उसे दोबारा प्रज्वलित करें।
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