यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Chhath Puja 2023: आज है छठ पूजा का तीसरा दिन, जानें इसका महत्व और संध्या अर्घ्य का समय
Chhath Puja 2023 छठ पूजा का तीसरा दिन शाम का समय डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए समर्पित है। छठ पूजा के तीसरे दिन की पूजा का बहुत महत्व है। इस दिन क ...और पढ़ें

HighLights
- सनातन धर्म में छठ पूजा का खास महत्व है।
- छठ पूजा के तीसरे दिन को संध्या अर्घ्य के रूप में मनाया जाता है।
- इस साल अर्घ्य 19 नवंबर 2023 रविवार यानी आज दिया जाएगा।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Chhath Puja 2023: सनातन धर्म में छठ पूजा का खास महत्व है। यह दिवाली के छह दिन बाद मनाया जाता है। इस साल छठ पूजा का उत्सव शुक्रवार, 17 नवंबर, 2023 को शुरू हुआ, जिसमें छठ व्रतियों ने पवित्र स्नान के साथ कई अनुष्ठान में भाग लिए। चार दिवसीय छठ पूजा का समापन 20 नवंबर को होगा। छठ पूजा के प्रत्येक दिन में अलग-अलग अनुष्ठान शामिल होते हैं। पहले दिन श्रद्धालु पवित्र स्नान करते हैं।
दूसरे दिन व्रत रखा जाता है और सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा तीसरे और चौथे दिन तक जारी रहती है। आज छठ पूजा का तीसरा दिन है, ऐसे में उससे जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातों को जानना बेहद जरूरी है।
छठ पूजा का तीसरा दिन
छठ पूजा के तीसरे दिन को संध्या अर्घ्य के रूप में मनाया जाता है। यह छठ पूजा का सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। इस दिन परिवार के सभी सदस्य नदी किनारे जाकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं।
इस साल अर्घ्य 19 नवंबर 2023 रविवार यानी आज दिया जाएगा। इस दिन सूर्यास्त शाम 5:26 बजे होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, व्रती इस दौरान प्रसाद सजाते हैं और कमर तक पानी में खड़े होकर परिक्रमा करते हैं।
छठ पूजन का महत्व
छठ पूजा का तीसरा दिन, शाम का समय डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए समर्पित है। छठ पूजा के तीसरे दिन की पूजा का बहुत महत्व है। इस दिन की पूजा की चीजों में एक बांस का सूप, एक गिलास, चम्मच, दूध और पानी के लिए तांबे का घड़ा, एक बड़ी टोकरी, एक प्लेट, एक दीपक और खाजा शामिल हैं।
कहा जाता है अगर इस दिन सच्चे दिल छठी माता और सूर्य भगवान की पूजा की जाए, तो जीवन की हर मुश्किलों का अंत चंद दिनों में ही हो जाता है। जानकारी के लिए बता दें, इस पूजा में पवित्रा का खास ख्याल रखना चाहिए।
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