यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Chaturmas 2025: कब से कब तक चलेगा चातुर्मास? अभी जान लें देवशयनी एकादशी की डेट
सनातन शास्त्रों में निहित है कि आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से लेकर नवमी तिथि तक गुप्त नवरात्र मनाया जाता है। इस दौरान जगत जननी आदिशक्ति द ...और पढ़ें

HighLights
- चातुर्मास जगत के नाथ भगवान विष्णु को समर्पित होता है।
- इस दौरान भगवान विष्णु की भक्ति भाव से पूजा की जाती है।
- भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में चातुर्मास का खास महत्व है। चातुर्मास का तात्पर्य चार महीने होता है। इस दौरान जगत के पालनहार भगवान विष्णु क्षीर सागर में विश्राम करते हैं। वहीं, सृष्टि का संचालन देवों के देव महादेव के हाथ में होता है। इसके लिए सावन महीने से सोलह सोमवार का व्रत रखा जाता है।
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धार्मिक मत है कि सावन महीने में भगवान शिव की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। अविवाहित जातक शीघ्र विवाह के लिए सोमवार के दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करते हैं। साथ ही सोमवार का व्रत रखते हैं। आइए, चातुर्मास शुरू होने की सही डेट एवं देवशयनी एकादशी के बारे में सबकुछ जानते हैं-
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कब है देवशयनी एकादशी (Devshayani Ekadashi Kab hai)
आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन देवशयनी एकादशी मनाई जाती है। देवशयनी एकादशी के दिन से भगवान विष्णु क्षीर सागर में विश्राम करने जाते हैं। इस दिन से लगातार चार महीने तक भगवान विष्णु क्षीर सागर में विश्राम करते हैं। वहीं, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन विष्णु जी जागृत होते हैं। इस साल 06 जुलाई को देवशयनी एकादशी है।
देवशयनी एकादशी शुभ मुहूर्त (Devshayani Ekadashi Shubh Muhurat)
वैदिक पंचांग के अनुसार, 05 जुलाई को शाम 06 बजकर 58 मिनट पर आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर शुरू होगी। वहीं, 06 जुलाई को शाम 09 बजकर 14 मिनट पर आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का समापन होगा। इस प्रकार 06 जुलाई से चातुर्मास (Chaturmas 2025 Date) की शुरुआत होगी। चातुर्मास के दौरान शुभ काम करने की मनाही होती है। इस दौरान शुभ काम करने से काज (काम) में सफलता नहीं मिलती है।
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कब से कब तक चलेगा चातुर्मास?
वर्तमान वैदिक पंचांग गणना के अनुसार, 06 जुलाई से चातुर्मास शुरू होगा। वहीं, 01 नवंबर को चातुर्मास समाप्त होगा। इस शुभ अवसर पर देवउठनी एकादशी मनाई जाएगी। इसके अगले दिन तुलसी विवाह मनाया जाएगा। देवउठनी एकादशी के दिन से सभी प्रकार के मांगलिक कार्य किए जाएंगे। वहीं, चातुर्मास के दौरान शुभ काम नहीं किया जाता है।
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