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धनतेरस की पूजा में जरूर पढ़ें भगवान धन्वंतरि की आरती, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद

Published: Fri, 06 Nov 2026 05:00 AM (IST)Updated: Fri, 06 Nov 2026 10:45 AM (IST)

धनतेरस का पर्व केवल धन के लिए नहीं, बल्कि आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि की पूजा के लिए भी महत्वपूर्ण ...और पढ़ें

धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की आरती और मंत्र (Picture Credit: AI Generated)

धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की आरती और मंत्र (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. धनतेरस पर आरोग्य के देवता धन्वंतरि की पूजा महत्वपूर्ण।

  2. समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर हुए थे प्रकट।

  3. पूजा विधि, आरती और विशेष मंत्रों का करें जाप।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म के लोगों के लिए धनतेरस का पर्व सिर्फ धन और सुख-समृद्धि की कामना के लिए नहीं होता है, बल्कि इस दिन आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि की पूजा का भी विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे।

उन्हें आयुर्वेद का जनक माना जाता है। इसी वजह से इस दिन धन्वंतरि जी का पूजन किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि धनतेरस के दिन उनकी विधि-विधान से पूजा करने और पूरे परिवार के साथ आरती करने की परंपरा है।

इस साल यह पर्व 06 नवंबर को मनाया जाएगा। अगर आप भी इस धनतेरस भगवान धन्वन्तरि की कृपा पाना चाहते हैं, तो यहां पढ़ें उनकी संपूर्ण आरती, पूजा विधि और शुभ मंत्र।

धन्वं‍तरि जी की आरती

जय धन्वंतरि देवा, जय धन्वंतरि जी देवा।

जरा-रोग से पीड़ित, जन-जन सुख देवा।।जय धन्वं.।।

तुम समुद्र से निकले, अमृत कलश लिए।

देवासुर के संकट आकर दूर किए।।जय धन्वं.।।

आयुर्वेद बनाया, जग में फैलाया।

सदा स्वस्थ रहने का, साधन बतलाया।।जय धन्वं.।।

भुजा चार अति सुंदर, शंख सुधा धारी।

आयुर्वेद वनस्पति से शोभा भारी।।जय धन्वं.।।

तुम को जो नित ध्यावे, रोग नहीं आवे।

असाध्य रोग भी उसका, निश्चय मिट जावे।।जय धन्वं.।।

हाथ जोड़कर प्रभुजी, दास खड़ा तेरा।

वैद्य-समाज तुम्हारे चरणों का घेरा।।जय धन्वं.।।

धन्वंतरिजी की आरती जो कोई नर गावे।

रोग-शोक न आए, सुख-समृद्धि पावे।।जय धन्वं.।।

धनतेरस के दिन पढ़े ये मंत्र

धनतेरस के दिन आपको भगवान धन्वंतरि को प्रसन्न करने के लिए एक विशेष मंत्र का जाप कम से कम 11 बार करना चाहिए।

'ॐ नमो भगवते धन्वंतरये अमृतकलश हस्ताय सर्व अमाय विनाशनाय त्रिलोकीनाथाय श्री महाविष्णवे नमः'

इसके साथ ही आपको एक विशेष स्रोत भी पढ़ना चाहिए, जिससे घर में खुशहाली बनी रहे-

ॐ शंखं चक्रं जलौकां दधदमृतघटं चारुदोर्भिश्चतुर्मिः

सूक्ष्मस्वच्छातिहृद्यांशुक परिविलसन्मौलिमंभोजनेत्रम

कालाम्भोदोज्ज्वलांगं कटितटविलसच्चारूपीतांबराढ्यम

वन्दे धन्वंतरिं तं निखिलगदवनप्रौढदावाग्निलीलम

ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतराये:

अमृतकलश हस्ताय सर्व भयविनाशाय सर्व रोगनिवारणाय

त्रिलोकपथाय त्रिलोकनाथाय श्री महाविष्णुस्वरूप

श्री धनवंतरी स्वरूप श्री श्री श्री औषधचक्र नारायणाय नमः

धनतेरस पर धन्वंतरि पूजा विधि

धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा का विशेष महत्व है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से उनकी पूजा करने से आरोग्य के साथ सुख-समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद मिलता है।

  • इस दिन पूजा के लिए सबसे पहले स्नान आदि से मुक्त होकर साफ वस्त्र धारण करें।
  • पूजा स्थल की सफाई करें और भगवान धन्वंतरि की तस्वीर स्थापित करें।
  • तस्वीर के सामने घी का दीपक जलाएं और उन्हें फूल-माला अर्पित करें।
  • भगवान धन्वंतरि को फल चढ़ाएं और घर की समृद्धि की कामना करें।
  • इसके बाद श्रद्धापूर्वक 'ॐ धन्वंतरये नमः' मंत्र का जाप करें और भगवान धन्वंतरि जी की आरती करें।

पूजा के अंत में आरोग्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें। इस दिन जरूरतमंदों को दान देना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई आराधना से भगवान धन्वंतरि की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।

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