Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Diwali 2024: दिवाली पर इन चीजों का दिखना माना जाता है बेहद शुभ, पूरे साल बरसती है लक्ष्मी जी की कृपा

    Updated: Fri, 18 Oct 2024 04:44 PM (IST)

    दीपावली का त्योहार बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल दिवाली 31 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इस दिन को लेकर लोगों की अपनी- अपनी मान ...और पढ़ें

    Diwali 2024: दिवाली पर इन चीजों का दिखना है बेहद दुर्लभ।
    Diwali 2024: दिवाली पर इन चीजों का दिखना है बेहद दुर्लभ।

    HighLights

    1. दिवाली हिंदुओं का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार हैं।
    2. दिवाली बुराई पर अच्छाई और अंधेरे पर प्रकाश की जीत का प्रतीक है।
    3. दिवाली को रोशनी का पर्व भी कहा जाता है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। दिवाली का पर्व बेहद शुभ माना जाता है। इसे दीपावली के नाम से भी जाना जाता है। यह हर धूमधाम के साथ मनाया जाता है, जो अंधकार पर प्रकाश की और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह उत्सव पांच दिनों तक चलता है, जो धनतेरस से शुरू होता है और भाई दूज के साथ समाप्त होता है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन (Diwali 2024) धन की देवी धरती पर आती हैं और अपने भक्तों के समस्त कष्टों को दूर करती हैं। वहीं, इस दिन कुछ चीजों का दिखना बेहद शुभ माना जाता है, तो आइए उनके बारे में जानते हैं।

    दिवाली पर इन चीजों का दिखना है बेहद दुर्लभ (Diwali Vastu)

    ऐसा माना जाता है कि दीपावली के शुभ दिन पर छिपकली, उल्लू, छछूंदर, गाय, काली चींटी, बिल्ली आदि का दिखाई देना बेहद शुभ माना जाता है। हालांकि इस दिन इन चीजों का दिखना बेहद ही दुर्लभ होता है। वहीं, अगर दिवाली के मौके पर अगर ये चीजें दिख जाएं, तो मानों आपके ऊपर माता लक्ष्मी प्रसन्न हैं। ये सभी जीव शुभता का संकेत माने जाते हैं।

    इनके दिखने का मतलब है कि आपके घर में पूरे साल घर धन-धान्य की वर्षा होगी। साथ ही यह समृद्धि का संकेत लेकर आते हैं।

    दिवाली के शुभ योग

    हिंदू पंचांग के अनुसार, अमृत काल शाम 05 बजकर 32 मिनट पर शुरू होगा और खत्म रात 07 बजकर 20 मिनट पर होगा। इसके साथ ही अभिजित मुहूर्त की शुरुआत सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर होगी और इसकी समाप्ति दोपहर 12 बजकर 27 मिनट पर होगी।

    वहीं, विजय मुहूर्त दोपहर 01 बजकर 55 मिनट पर शुरू होगा और इसका समापन दोपहर 02 बजकर 39 पर होगा। इस दौरान आप किसी भी प्रकार का शुभ कार्य कर सकते हैं।

    दिवाली पूजन मंत्र

    1. सर्वमये देवि सर्वदेवैरलड्कृते।

    मातर्ममाभिलाषितं सफलं कुरु नन्दिनी।।

    2. ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:॥

    3. धनदाय नमस्तुभ्यं निधिपद्माधिपाय च। भगवान् त्वत्प्रसादेन धनधान्यादिसम्पद:।।

    कब है दिवाली?

    वैदिक पंचांग के अनुसार, दिवाली का पर्व अमावस्या की रात मनाया जाता है। 31 अक्टूबर 2024 यानी बृहस्पतिवार को अमावस्या तिथि दिन में 2 बजकर 40 मिनट पर शुरू होगी। इससे पहले चतुर्दशी तिथि रहेगी। ऐसे में ज्योतिष गणना के अनुसार, इस साल दीपावली का त्योहार 31 तारीख को ही मनाया जाएगा।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें: Diwali 2024: लो हो गया फाइनल! 31 अक्टूबर को ही मनाई जाएगी दिवाली ? जानें लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।