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दीवाली पर किन घरों में होता है मां लक्ष्मी का वास? ये 5 आदतें तय करती हैं सुख-समृद्धि

Published: Fri, 06 Nov 2026 06:00 PM (IST)

दीवाली पर मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। यह लेख बताता ...और पढ़ें

इन गलतियों से घर में नहीं होता मां लक्ष्मी का आगमन (Picture Credit- AI Generated)

इन गलतियों से घर में नहीं होता मां लक्ष्मी का आगमन (Picture Credit- AI Generated)

HighLights

  1. घर में स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखें।

  2. महिलाओं का सम्मान करें, वाद-विवाद से बचें।

  3. रात में जूठे बर्तन न छोड़ें, दान-पुण्य करें।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। दीवाली का दिन धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए अधिक शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो लोग दीवाली के दिन विधिपूर्वक पूजा करते हैं और विशेष बातों का ध्यान रखते हैं, तो मां लक्ष्मी उन्हीं के घर में वास करती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दीवाली के दिन किन घरों में मां लक्ष्मी का आगमन होता है?

स्वच्छता और पवित्रता: धार्मिक मान्यता है कि जिन घरों में दिवाली के दिन साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है और जहां धूल-मिट्टी या टूटा-फूटा कबाड़ न हो, उन्हीं घरों में मां लक्ष्मी वास करती हैं और अपनी कृपा भक्तों पर बरसाती हैं।

महिलाओं का सम्मान: जिन घरों में महिलाओं का सम्मान किया जाता है और उन्हें गृहलक्ष्मी का दर्जा दिया जाता है, तो उन्हीं घरों में मां लक्ष्मी का आगमन होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जिन घरों में सदैव वाद-विवाद और क्लेश की स्थिति बनी रहती है, वहां अलक्ष्मी का वास माना जाता है। इसलिए कभी भी घर में किसी से वाद-विवाद नहीं करना चाहिए।

रसोई में जूठे बर्तन न छोड़ना: ऐसा माना जाता है कि रात के समय जूठे बर्तनों को बिना साफ किए रसोई में छोड़ना अशुभ होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा करने से मां अन्नपूर्णा और मां लक्ष्मी रुष्ट हो सकती हैं, जिसके कारण परिवार को कई तरह की आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

अतिथि सत्कार और दान-पुण्य: जिस घर के द्वार से कोई भूखा या जरूरतमंद खाली हाथ नहीं लौटता और जहां सामर्थ्यानुसार दान-पुण्य एवं परोपकार किया जाता है, वहां धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती।

रात्रि में जागरण: धार्मिक मान्यता है कि कार्तिक अमावस्या की रात देवी लक्ष्मी पृथ्वी पर विचरण करती हैं और यह देखती हैं कि कौन जागकर उनकी प्रतीक्षा कर रहा है। इसलिए दिवाली की रात आलस्य में सोना वर्जित माना गया है। जो लोग रात्रि में मंत्र जप, श्री सूक्त का पाठ, कनकधारा स्तोत्र या दीप जलाकर देवी की आराधना में लीन रहते हैं, उन पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसती है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।

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