Palmistry: क्या आपकी हथेली पर भी है यहां तिल? जान लें इसके पीछे छिपा धनवान बनने का राज
अगर तिल मुट्ठी बंद (Hathieli Mein Til) करने पर बीच में आता है, तो इसे सबसे शुभ माना जाता है।

Hathieli Mein Til: क्या आपकी हथेली पर भी है यहां तिल? (Al Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Palmistry: हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, हमारे हाथों की लकीरें ही नहीं, बल्कि उन पर मौजूद छोटे-छोटे निशान और तिल भी हमारे भाग्य का संकेत देते हैं। कई बार हम अपनी हथेली पर मौजूद तिलों को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन समुद्र शास्त्र कहता है कि हथेली के कुछ हिस्सों पर तिल होना व्यक्ति के अच्छे भाग्य को दिखाता है। आइए जानते हैं हथेली के किन हिस्सों में तिल होना आपको लकी बना सकता है?

Al Generated Image
मुट्ठी के अंदर तिल
सबसे शुभ तिल वह माना जाता है, जो हथेली के बिल्कुल बीच में हो और मुट्ठी बंद करने पर उसके अंदर आ जाए। ऐसे व्यक्ति के पास धन की कभी कमी नहीं होती। यह तिल संकेत देता है कि व्यक्ति न केवल पैसा कमाएगा, बल्कि उसे बचाकर भी रखेगा। ऐसे लोग कारोबार में बहुत सफल होते हैं।
गुरु पर्वत पर तिल
इंडेक्स फिंगर यानी तर्जनी उंगली के नीचे वाले हिस्से को गुरु पर्वत कहा जाता है। यहां तिल होना सुख-समृद्धि को दिखाता है। अगर यहां तिल है, तो व्यक्ति को समाज में उच्च पद और मान-सम्मान मिलता है। हालांकि कई बार गुरु पर्वत पर तिल होने से विवाह में देरी भी हो सकती है, लेकिन यह व्यक्ति को आर्थिक रूप से मजबूत बनाता है।
शनि पर्वत पर तिल
बीच वाली उंगली के नीचे वाले हिस्से को शनि पर्वत कहते हैं। यहां तिल होना मेहनत का फल मिलने का प्रतीक है। ऐसे लोगों को अचानक धन लाभ होता है। ऐसे व्यक्ति बहुत मेहनती होते हैं और धीरे-धीरे ही सही, सफलता के शिखर तक पहुंचते जरूर हैं।
शुक्र पर्वत पर तिल
अंगूठे के नीचे वाले उभरे हुए हिस्से को शुक्र पर्वत कहा जाता है, जो सुख-सुविधाओं और प्रेम का कारक है।
यहां तिल होने से व्यक्ति का जीवन लग्जरी से भरा होता है। ऐसे लोग ग्लैमर की दुनिया में नाम कमाते हैं और इनके पास महंगी-मंहगी गाड़ियां और घर होता है।
क्या तिल का रंग और हाथ भी मायने रखता है?
समुद्र शास्त्र के अनुसार, पुरुषों के लिए दाएं हाथ और महिलाओं के लिए बाएं हाथ का तिल बहुत अच्छा माना जाता है। साथ ही, गहरा काला तिल अधिक फलदायी होता है, जबकि हल्का या धुंधला तिल कम असरकारक होता है।
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
