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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Dussehra 2023: विजयादशमी पर करें इन दो पौधों की पूजा, दूर होगी आर्थिक तंगी

    By Vaishnavi DwivediEdited By: Vaishnavi Dwivedi
    Updated: Sat, 21 Oct 2023 12:53 PM (IST)

    Dussehra 2023 विजयादशमी को पूरे देश में बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस दिन को लोग बुराई पर अच्छाई की जीत के लिए याद करते हैं। यह त्योहार भगवा ...और पढ़ें

    Dussehra 2023
    Dussehra 2023

    नई दिल्ली, अध्यात्म डेस्क। Dussehra 2023: दशहरा हिंदुओं के सबसे महत्वपूर्ण और धार्मिक त्योहारों में से एक है। इस पर्व (Vijayadashami 2023) को पूरे देश में बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस दिन को लोग बुराई पर अच्छाई की जीत के लिए याद करते हैं। यह त्योहार भगवान राम की रावण पर विजय का प्रतीक है। इस दिन अपराजिता और शमी के पेड़ की पूजा का भी विधान है।

    शास्त्रों के अनुसार, अगर इस दिन इन पौधों की पूजा विधि-विधान के साथ की जाए, तो भगवान राम की कृपा सदैव बनी रहती है। साथ ही घर में मां लक्ष्मी का वास रहता है।

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    इस विधि से करें अपराजिता के पौधे की पूजा

    अपराजिता के पौधे पर दूध और जल मिलाकर अर्पित करें। इसके बाद देवी अपराजिता की ईशान कोण में पूजा करें। सबसे पहले ईशान कोण को साफ करें और गोबर से लिपें। साथ ही उस स्थान को सजाएं। देवी को भोग लगाने के साथ आरती से पूजा का समापन करें।

    ऐसे करें शमी की पूजा

    घर के उत्तर-पूर्व दिशा में शमी के पौधे को लगाना बेहद शुभ माना गया है। अगर इसे दशहरा वाले दिन घर में लगाया जाए, तो इसका प्रभाव और भी बढ़ जाता है। शमी के पौधे को धन का प्रतीक भी माना गया है। ऐसे में विजयादशमी वाले दिन शमी के पौधे के समक्ष दीया जलाना चाहिए।

    ऐसा करने से भगवान शनि के साथ मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। कोशिश करें विजयादशमी वाले दिन शमी के पेड़ को घर लेकर आएं।

    डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'

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