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    गुड फ्राइडे के बाद आने वाला 'संडे' क्यों है इतना खास? यूं ही नहीं कहलाता ईस्टर

    Updated: Fri, 03 Apr 2026 03:13 PM (IST)

    ईसाई धर्म में गुड फ्राइडे और ईस्टर संडे का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। चलिए जानते हैं इस दिन का धार्मिक महत्व। ...और पढ़ें

    ईस्टर संडे 2026 (Picture Credit: Freepik)

    ईस्टर संडे 2026 (Picture Credit: Freepik) 

    HighLights

    1. गुड फ्राइडे के बाद आता है ईस्टर संडे

    2. यह प्रभु यीशु के पुनरुत्थान का प्रतीक है

    3. मृत्यु पर जीवन की जीत दर्शाता है ईस्टर

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ईसाई धर्म में गुड फ्राइडे और ईस्टर संडे का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। गुड फ्राइडे के बाद आने वाले संडे को ईस्टर संडे कहा जाता है। साल 2026 में गुड फ्राइडे 3 अप्रैल को मनाया जा रहा है। इस प्रकार ईस्टर संडे 5 अप्रैल को मनाया जाएगा। चलिए जानते हैं कि ईसाई धर्म में इस दिन का इतना अधिक महत्व क्यों है।

    क्यों मनाया जाता है ईस्टर संडे

    प्राचीन ईसाई ग्रंथों में यह वर्णन मिलता है कि, ईसा मसीह लोगों को शांति, प्रेम और भाईचारे का उपदेश देते थे। उनकी बढ़ती लोकप्रियता के कारण तत्कालीन यहूदी कट्टरपंथियों और शासकों को अपनी सत्ता डगमगाती हुई महसूस हो रही थी। इस वजह से उन्होंने प्रभु यीशु पर राजद्रोह के झूठे आरोप लगा दिए और उन्हें अमानवीय यातनाएं दी गईं।

    अंततः उन्हें कांटों का ताज पहनाकर 'कलवारी' नाम के स्थान पर सूली पर लटका दिया गया। जिस दिन उन्होंने प्राण त्यागे, वह शुक्रवार का दिन था, जिसे 'गुड फ्राइडे' के रूप में जाना जाता है। वहीं शुक्रवार के बाद आने वाले रविवार पर दोबारा जीवित हो गए थे, जिसे ईस्टर संडे के रूप में मानाया जाता है।

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    (Picture Credit: Freepik) 

    किसका प्रतीक है ईस्टर संडे

    गुड फ्राइडे को होली फ्राइडे, ब्लैक फ्राइडे या ग्रेट फ्राइडे के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन खुशी का नहीं, बल्कि शोक और आत्मचिंतन का है। इसी दिन प्रभु ईसा मसीह ने मानवता की रक्षा के लिए सूली पर चढ़कर अपना बलिदान दिया था।

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    गुड फ्राइडे के तीसरे दिन यानी रविवार को ईस्टर संडे के रूप में मनाया जाता है, क्योंकि इस दिन पर प्रभु यीशु ने मृत्यु पर विजय प्राप्त की थी। इस प्रकार यह दिन मानवता, क्षमा और विश्वास की जीत के रूप में मनाया जाता है। जहां गुड फ्राइडे प्रभु यीशु के महान बलिदान का प्रतीक है, वहीं ईस्टर उनके पुनर्जीवित होने की खुशी का पर्व है। साथ ही ईस्टर का दिन अंधकार पर प्रकाश की जीत का संदेश भी देता है।

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    (AI Generated Image)

    ऐसे मनाया जाता है यह पर्व

    ईस्टर के दिन घरों को सजाते हैं। इस दिन पर अंडों का भी विशेष महत्व है। अंडों को एक 'नए जीवन' के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। लोग अंडों को सुंदर रंगों से सजाते हैं और रंग-बिरंगे ईस्टर एग (Easter Eggs) एक-दूसरे उपहार के रूप में देते हैं। ईस्टर पर लोग चर्च जाकर मोमबत्तियां जलाते हैं और बाइबल पढ़ते हैं। परिवार के साथ मिलकर लंच या डिनर करते हैं।

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