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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Eid-Ul-Fitr 2024: इस तरह से मनाया जाता है ईद-उल-फितर, जानिए इससे जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

    Updated: Sun, 07 Apr 2024 11:30 AM (IST)

    ईद-उल-फितर इस्लाम के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। पूरे एक महीने तक रोजे रखने के बाद ईद बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। इस पर्व को मीठी ईद के ...और पढ़ें

    Eid-Ul-Fitr 2024: ईद-उल-फितर कैसे मनाएं ? यहां जानें -
    Eid-Ul-Fitr 2024: ईद-उल-फितर कैसे मनाएं ? यहां जानें -

    HighLights

    1. ईद-उल-फितर इस्लामिक धर्म का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है।
    2. यह दिन रमजान के पवित्र महीने के अंत का प्रतीक है।
    3. यह इस्लामिक कैलेंडर की पहली तारीख को पड़ता है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Eid-Ul-Fitr 2024: ईद-उल-फितर इस्लामिक धर्म का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है। इसे मीठी ईद के रूप में भी जाना जाता है। वहीं, यह दिन रमजान के पवित्र महीने के अंत का भी प्रतीक है। यह इस्लामिक कैलेंडर की पहली तारीख को पड़ता है। इस पवित्र दिन लोग अपना रोजा समाप्त करके ईद मनाते हैं और अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं, नए कपड़े पहनते हैं, भव्य दावतें तैयार करते हैं। साथ ही अपने प्रियजनों से मिलने के लिए जाते हैं। कहा जाता है कि इस शुभ अवसर पर दान करने का भी अपना एक खास महत्व है।

    ईद-उल-फितर, 2024 डेट

    ईद मनाने की वास्तविक तारीख चंद्रमा के दर्शन पर निर्भर करती है। चंद्रमा का दर्शन इस्लामी कैलेंडर के अनुसार होता है और चंद्रमा के वास्तविक दर्शन की प्रतीक्षा की जाती है। ऐसा कहा जा रहा है कि अगर 29वां रोजा पूरा होने पर चांद का दर्शन होता है, तो 10 अप्रैल को ईद मनाई जाएगी। वहीं, अगर 30वां रोजा पूरा होने पर चांद नजर आता है, तो 11 अप्रैल को ईद मनाई जा सकती है।

    ईद-उल-फितर कैसे मनाएं ?

    • सबसे पहले लोग पवित्र स्नान करते हैं।
    • ईद के दिन सुबह नमाज पढ़ना बहुत जरूरी होता है।
    • नमाज अदा करने के बाद लोग एक-दूसरे से गले मिलते हैं और ईद मुबारक की शुभकामनाएं देते हैं।
    • महिलाएं घरों में ढेर सारे सूखे मेवों से मिठाइयां-सेवइयां बनाती हैं।
    • इस अवसर पर लोग नए कपड़े पहनते हैं और नमाज के लिए मस्जिद जाते हैं।
    • घर वापस आकर वे उस मीठे पकवान को खाते हैं और रिश्तेदारों और दोस्तों में भी बांटते हैं।
    • इस दिन जरूरतमंदों को भोजन कराना उन्हें पैसे और कपड़े देना शुभ माना जाता है।
    • इस दिन अल्लाह को खुश करने के लिए एक बुरी आदत का भी त्याग किया जाता है।

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