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तीसरे दिन गणपति विसर्जन के लिए शाम 7 बजे से लेकर इस समय तक रहेगा शुभ मुहूर्त, बप्पा को दे सकते हैं विदाई

Published: Wed, 16 Sep 2026 06:28 AM (IST)Updated: Wed, 16 Sep 2026 05:14 PM (IST)

गणेश चतुर्थी के तीसरे दिन गणपति विसर्जन के लिए आज तीन शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। विसर्जन से पहले उत्तर ...और पढ़ें

गणेश विसर्जन: तीसरे दिन बप्पा को विदाई देने के शुभ मुहूर्त

गणेश विसर्जन: तीसरे दिन बप्पा को विदाई देने के शुभ मुहूर्त

HighLights

  1. शुभ मुहूर्त में करें गणपति विसर्जन, सुख-समृद्धि बनी रहेगी।

  2. विसर्जन से पहले उत्तर पूजा और अंतिम भोग अवश्य लगाएं।

  3. अंतिम आरती कर क्षमा प्रार्थना करें, मूर्ति को थोड़ा खिसकाएं।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। गणेश चतुर्थी पर बप्पा की स्थापना के बाद भक्त अपनी श्रद्धा और मान्यता के अनुसार डेढ़ दिन, 3 दिन, 5 दिन या अनंत चतुर्दशी पर गणपति विसर्जन करते हैं। जो लोग स्थापना के तीसरे दिन बप्पा को विदा करने का संकल्प लेते हैं, उनके लिए आज बुधवार को विसर्जन के तीन शुभ मुहूर्त हैं।

एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषाचार्य बृज गौतम जी बताते हैं कि शुभ मुहूर्त में किया गया विसर्जन बहुत फलदायी होता है। इससे घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है और बप्पा अपने भक्तों के सारे दुख और विघ्न हर लेते हैं। आइए जानते हैं आज के दिन गणेश विसर्जन के लिए कौन से शुभ समय हैं। हालांकि, अब सुबह और दोपहर वाला मुहूर्त तो निकल चुका है मगर शाम से लेकर रात तक आज गणेश विसर्जन किया जा सकता है। 

16 सितंबर को गणेश विसर्जन के शुभ मुहूर्त

तीसरे दिन गणपति विसर्जन करने वाले भक्त इन शुभ समय में बप्पा की विदाई कर सकते हैं:

  • सुबह 10 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 17 मिनट तक- शुभ
  • दोपहर 3 बजकर 21 मिनट से शाम 6 बजकर 24 मिनट तक- चर और लाभ
  • शाम 7 बजकर 52 मिनट से रात 12 बजकर 17 मिनट तक- शुभ, अमृत और चर

आप अपनी सुविधा और पूजा के समय अनुसार इनमें से किसी एक शुभ समय में गणेश जी का विसर्जन कर सकते हैं।

विसर्जन से पहले करें उत्तर पूजा और अंतिम भोग

  • गणपति विसर्जन से पहले बप्पा की विधि-विधान से उत्तर पूजा या विदाई पूजा करें। इसके लिए सबसे पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थान को साफ करें। गणेश जी को फूल, दूर्वा, अक्षत और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें।
  • इसके बाद बप्पा को उनका अंतिम भोग लगाएं। इस दिन गणपति जी को मोदक या लड्डू का भोग लगाना शुभ माना जाता है। परिवार के सभी सदस्य श्रद्धा के साथ पूजा में शामिल हों।

परिवार के साथ करें अंतिम आरती और क्षमा प्रार्थना

विदाई पूजा के बाद गणपति जी की अंतिम आरती करें। आरती के दौरान परिवार के सभी सदस्य बप्पा से घर की सुख-शांति और समृद्धि की कामना करें। पूजा के दौरान जाने-अनजाने में हुई किसी भी भूल के लिए भगवान गणेश से हाथ जोड़कर क्षमा प्रार्थना करें। उनसे प्रार्थना करें कि वे परिवार पर अपनी कृपा बनाए रखें और जीवन के सभी विघ्न दूर करें।

बप्पा को थोड़ा आगे खिसकाएं

विसर्जन से पहले गणपति जी की मूर्ति को उनके स्थान से थोड़ा आगे की ओर खिसकाने की भी परंपरा है। इसके लिए अपने दाहिने हाथ से बप्पा की मूर्ति को थोड़ा आगे की ओर खिसकाएं। इसे गणपति जी के कैलाश प्रस्थान का संकेत माना जाता है।

इसके बाद एक साफ कपड़े में मोदक, दूर्वा, धान, सुपारी और दक्षिणा रखकर पोटली तैयार करें। यह पोटली बप्पा के पास रखी जाती है और भाव यह होता है कि भगवान गणेश अपने कैलाश धाम की यात्रा पर जा रहे हैं, तो यात्रा के वक्‍त उन्‍हें कोई दिक्‍कत नहीं होनी चाहिए, उनकी जरूरत का सारा सामान पोटली में होना चाहिए।

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