यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 23, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ganga Dussehra 2025: गंगा दशहरा के दिन इन स्थानों में जलाएं दीपक, होगी सभी मनोकामनाएं पूरी
गंगा दशहरा का पर्व 5 जून 2025 को मनाया जाएगा। यह दिन मां गंगा को समर्पित है। इस दिन गंगा तट पर और घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाना फलदायी माना जाता है। ...और पढ़ें

HighLights
- गंगा दशहरा का दिन बेहद पुण्यदायी माना जाता है।
- गंगा दशहरा के दिन देवी गंगा की पूजा होती है।
- इस साल गंगा दशहरा का पर्व 5 जून को मनाया जाएगा।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। गंगा दशहरा का दिन बेहद शुभ माना जाता है। यह दिन मां गंगा की पूजा के लिए समर्पित है। इस दिन मां गंगा की पूजा करने से जीवन में खुशियों का प्रवेश होता है और सभी दिक्कतों का अंत होता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल गंगा दशहरा का पर्व 5, 2025 जून को मनाया जाएगा। वहीं, इस दिन (Ganga Dussehra 2025) को लेकर कई सारे उपाय बताए गए हैं, जिनसे सभी कष्टों का अंत होता है, तो आइए उन उपाय के बारे में जानते हैं।
गंगा दशहरा के दिन करें ये उपाय (Do These Measures On The Day Of Ganga Dussehra)

- गंगा तट पर - गंगा दशहरा के दिन गंगा तट पर दीपक जलाना बहुत फलदायी माना जाता है। कहते हैं कि इससे सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
- घर के मुख्य द्वार - घर के मुख्य द्वार को ऊर्जा स्रोत माना जाता है। ऐसे में इस पावन अवसर पर घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं। ऐसा करने से घर में खुशहाली आती है। इसके साथ ही घर में माता लक्ष्मी का वास होता है।
- पूजा स्थान - गंगा दशहरा (Ganga Dussehra 2025 Significance) पर पूजा घर में घी का दीपक जरूर जलाएं, क्योंकि यहां देवी-देवताओं का वास होता है। इसलिए इस स्थान पर रोशनी करके रखना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से भक्तों को मां गंगा आशीर्वाद मिलता है।
- तुलसी पौधे के सामने - हिंदू धर्म में कोई भी शुभ अवसर हो उसमें तुलसी पूजा जरूर की जाती है। ऐसे में गंगा दशहरा पर तुलसी के पौधे के पास दीपक जरूर जलाएं। इससे घर में शुभता का आगमन होता है।
- रसोई घर - गंगा दशहरा के दिन घर की रसोई में भी दीपक जलाना चाहिए। ऐसा करने घर में बरकत आती है। इसके साथ ही माता लक्ष्मी का वास होता है।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।