यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Gangaur Puja 2024 Date: इस शुभ मुहूर्त में करें गणगौर पूजा, जीवन सदैव रहेगा खुशहाल
हर साल चैत्र माह की तृतीया तिथि के दिन गणगौर पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन मां पार्वती और भगवान शिव की उपासना करने से भक्तों को शुभ फल ...और पढ़ें

HighLights
- गणगौर पूजा की पूजा माता पार्वती की आरती अवश्य करनी चाहिए।
- इस बार गणगौर पूजा 11 अप्रैल को है।
- इस दिन सुहागन महिलाएं व्रत रखती हैं।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Gangaur Puja 2024 Date: हिंदू पंचांग के अनुसार, हर वर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को गणगौर पूजा की जाती है। यह पर्व मुख्य रूप से राजस्थान और ब्रज के कुछ इलाकों में अधिक किया जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु और परिवार के कल्याण के लिए व्रत रखती हैं। इस अवसर पर देवों के देव महादेव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से साधक को शुभ फल की प्राप्ति होती है। साथ ही सुखी जीवन रहता है। इस दिन गणगौर पूजा शुभ मुहूर्त में और साथ ही आरती अवश्य करनी चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से भक्तों को विशेष लाभ मिलता है और जीवन में आ रही सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं। आइए जानते हैं गणगौर पूजा का शुभ मुहूर्त के बारे में।
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गणगौर पूजा डेट 2024 और शुभ मुहूर्त (Gangaur Vrat 2024 Date And Shubh Muhurat)
चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का प्रारंभ 10 अप्रैल को शाम 05 बजकर 32 मिनट से होगा और इसका समापन 11 अप्रैल को दोपहर 03 बजे होगा। ऐसे में गणगौर व्रत 11 अप्रैल को किया जाएगा। गणगौर व्रत के दिन सुबह 06 बजकर 29 मिनट से लेकर 08 बजकर 24 मिनट तक पूजा करने का शुभ मुहूर्त है।
माता पार्वती आरती लिरिक्स (Mata Parvati Aarti Lyrics )
जय पार्वती माता, जय पार्वती माता
ब्रह्म सनातन देवी, शुभ फल की दाता
जय पार्वती माता
अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता
जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता
जय पार्वती माता।
सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा
देव वधु जहं गावत नृत्य कर ताथा
जय पार्वती माता
सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता
हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता
जय पार्वती माता।
देवन अरज करत हम चित को लाता
गावत दे दे ताली मन में रंगराता
जय पार्वती माता
श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता
सदा सुखी रहता सुख संपति पाता
जय पार्वती माता।
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