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    Garud Puran: अंतिम सांस से पहले मिलते हैं 6 संकेत, यहां पढ़ें गरुड़ पुराण की रहस्यमयी बातें

    Updated: Wed, 26 Nov 2025 11:30 AM (IST)

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, व्यक्ति की मृत्यु के बाद परिवार के सदस्यों द्वारा गरुड़ पुराण का पाठ करने से मृतक को मोक्ष की प्राप्ति होती है। गरुड़ पुरा ...और पढ़ें

    Garud Puran: मृत्यु से पहले कौन-से संकेत मिलते हैं (Image Source: AI-Generated)

    Garud Puran: मृत्यु से पहले कौन-से संकेत मिलते हैं (Image Source: AI-Generated)

    HighLights

    1. गरुड़ पुराण का खास महत्व है। 

    2. इसमें नरक और स्वर्ग का वर्णन है। 

    3. मृत्यु के बाद गरुड़ पुराण का पाठ करना चाहिए। 

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। गरुड़ पुराण अठारह महापुराण में शामिल है। इसमें मृत्यु के बाद की स्थिति के बारे में विस्तार से वर्णन किया गया है। गरुड़ पुराण के अनुसार, अंतिम सांस से पहले ऐसे कई संकेत मिलते हैं, जिनके द्वारा व्यक्ति की मृत्यु का पता लगाया जा सकता है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में विस्तार से जानते हैं कि मृत्यु (death signs) से पहले कौन-से संकेत हैं।

    Garud Puran (5)

    (Image Source: AI-Generated)

    मिलते हैं ये संकेत

    • गरुड़ पुराण (Garud Puran) के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को अपनी परछाई दिखना बंद हो जाए, तो इसे मृत्यु का संकेत माना जाता है।
    • इसके अलावा कुछ अशुभ संकेत के द्वारा मृत्यु के बारे में पता लगाया जा सकता है। गरुड़ पुराण के अनुसार, अगर व्यक्ति सपने में अपने पूर्वजों को देखता है और वह व्यक्ति को अपने पास बुला रहे हैं, तो इसे मृत्यु के नजदीक आने का संकेत माना जाता है।
    • गरुड़ पुराण में बताया गया है कि मृत्यु के नजदीक आने पर व्यक्ति को यमदूत नजर आते हैं। ऐसे में व्यक्ति को लगता है कि उसे कोई लेने आ रहा है। अक्सर रात के समय में ही यमदूत नजर आते हैं। ऐसे में आसपास किसी नकारात्मक शक्ति के होने का अहसास होता है।
    • मृत्यु आने पर व्यक्ति को अपने बुरे और अच्छे कर्म दिखाई देने लगते हैं। गरुड़ पुराण के मुताबिक, जब व्यक्ति को अपने अच्छे और बुरे कर्म आंखों के सामने आते हैं, तो समझ लें कि आखिरी समय आना वाला है।
    • इसके अलावा व्यक्ति की मृत्यु आने पर उसके हाथ रेखाएं हल्की पड़ने लगती हैं। गरुड़ पुराण में इस बात का उल्लेख किया गया है कि कुछ लोगों के हाथों की रेखाएं भी नहीं दिखती हैं।
    • गरुड़ पुराण के मुताबिक, अंतिम सना से पहले व्यक्ति को रहस्यमयी द्वार दिखाई देता है। इरहस्यमयी द्वार का दिखना भी मृत्यु के नजदीक आना का संकेत माना जाता है।

    कब और क्यों पढ़ना चाहिए गरुड़ पुराण?


    गरुड़ पुराण के अनुसार, व्यक्ति की मृत्यु के बाद परिवार के सदस्यों को गरुड़ पुराण का पाठ करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि गरुड़ पुराण का पाठ करने से मृतक आत्मा को शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। इसलिए व्यक्ति की मृत्यु के बाद गरुड़ पुराण का पाठ करना चाहिए।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।