यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Garuda Purana: मृत्यु के बाद आत्मा के साथ क्या होता है? गरुण पुराण की ये बाते जानकर रह जाएंगे हैरान
Garuda Purana in Hindi हिंदू धर्म में गरुण पुराण का विशेष महत्व है। यह पुराण मृत्यु और इसके बाद की स्थिति के बारे में बताता है। गरुण पुराण प्रभु श्री ...और पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Garuda Purana: मृत्यु एक ऐसा सत्य है जिसे कोई भी नहीं टाल सकता। ऐसे में गरुड़ पुराण में मृत्यु और उसके बाद की स्थिति के बारे में बताया गया हैं। साथ ही इसमें यह भी बताया गया है कि व्यक्ति के किन कर्मों पर उसे नरक की प्राप्ति होती है और उसे किस प्रकार का दंड झेलना पड़ता है। आइए जानते हैं कि मृत्यु के बाद आत्मा के साथ क्या होता है।
मृत्यु के बाद भी रहती है ये भावना
गरुड़ पुराण में कुल 84 लाख योनियों के बारे में बताया गया है। इसमें पशु-पक्षी, वृक्ष योनि, कीड़े-मकोड़े और मनुष्य योनि आदि शामिल हैं। गरुड़ पुराण में बताया गया है कि मृत्यु के बाद आत्मा जब शरीर छोड़ने के बाद भी उसमें भूख,प्यास, क्रोध, द्वेष और वासना आदि का भाव नहीं जाता है।
यमराज से होता है सामना
गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के बाद आत्मा मृत्यु के देवता यमराज के पास जाती है। यमराज ही व्यक्ति के कर्मों के आधार पर न्याय करते हैं। जीवन में किए गए बुरे कर्मों के लिए आत्मा को नरक की यातनाएं भी झेलनी पड़ती हैं। कर्मों के आधार पर अलग-अलग कर्मों के लिए अलग-अलग दंड निर्धारित किए गए हैं। जीवन में किए कर्मों के आधार पर ही इस बात का निर्धारण भी किया जाता है कि आत्मा को अगला जन्म किस योनि में मिलेगा।
कब मिलती है प्रेत योनि
यह व्यक्ति के कर्मों पर ही निर्धारित करता है कि मृत्यु के बाद आत्मा किस योनि में जन्म लेगी। वहीं, बुरे कर्म करने वाले मनुष्यों की आत्मा मृत्यु लोक में ही भटकती रहती है। वहीं अगर किसी की मृत्यु प्राकृतिक तरीके से नहीं हुई अर्थात दुर्घटना, हत्या या आत्महत्या आदि के कारण मृत्यु होती है तो आत्मा प्रेत योनि में चली जाती है।
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