यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Gau Mata Seva: गाय को पहली रोटी खिलाने से मिलते कई लाभ, खुल जाते हैं बंद किस्मत के ताले
हिंदू धर्म में गाय को केवल एक जानवर के रूप में नहीं देखा जाता बल्कि माता के रूप में पूजा जाता है। इसके साथ ही शास्त्रों में पहली रोटी गाय के लिए निकलन ...और पढ़ें

HighLights
- गाय में माना गया है 33 कोटि देवी-देवताओं का वास।
- पहली रोटी गाय को खिलाने का है विधान।
- गौ सेवा से होती है पुण्य फलों की प्राप्ति
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में कई जानवरों को पूजनीय माना गया है, जिसमें से गाय भी एक है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, गाय को गौ माता कहा जाता है। गौ माता को रोटी खिलाना और उनकी सेवा करना बहुत ही लाभकारी माना गया है। ऐसे में यदि आप रोजाना गाय को पहली रोटी खिलाते हैं, तो इससे आपको जीवन में अद्भुत लाभ देखने को मिल सकते हैं।
बनी रहती है देवी-देवताओं की कृपा
हिंदू शास्त्र के अनुसार, गाय में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास माना गया है। साथ ही यदि आप पहली रोटी गाय को खिलाते हैं, तो इससे देवी-देवता प्रसन्न होते हैं, जिससे आपके और आपके परिवार के देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है।
देवी लक्ष्मी होती हैं प्रसन्न
शास्त्रों के मुताबिक, पहली रोटी गाय खिलाने से व्यक्ति को पुण्य फलों की प्राप्ति होती है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि का वास बना रहता है। साथ ही गौ माता की सेवा करने और रोटी खिलाने से मां लक्ष्मी भी प्रसन्न होती है, जिससे व्यक्ति को धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता।
बनते हैं तरक्की के योग
गाय को पहली रोटी खिलाने के बाद ही स्वयं भोजन ग्रहण करना चाहिए। ऐसा करने से गौ माता प्रसन्न होती हैं, जिससे घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती है और घर के सदस्यों की तरक्की के योग भी बनते चले जाते हैं।
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ध्यान रखें ये बातें
गाय को कभी भी खाली रोटी न खिलाएं, इसके साथ आप उसे गुड़ भी खिला सकते हैं। इससे आपके ऊपर गाय माता का आशीर्वाद बना रहता है। साथ ही शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि आखिरी रोटी कुत्ते के डालनी चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति को आर्थिक परेशानियों से छुटकारा मिल सकता है।
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।