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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Good Friday 2025: कब मनाया जाएगा गुड फ्राइडे और ईस्टर संडे, जानिए क्यों खास हैं ये दिन

    Updated: Wed, 02 Apr 2025 09:44 AM (IST)

    गुड फ्राइडे और ईस्टर संडे (Easter Sunday 2025) का दिन मुख्य रूप से ईसाई धर्म के संस्थापक ईसा मसीह से संबंधित माने जाते हैं। गुड फ्राइडे के दिन को होली ...और पढ़ें

    When is Good Friday and Easter Sunday? (Picture Credit: Freepik)
    When is Good Friday and Easter Sunday? (Picture Credit: Freepik)

    HighLights

    1. ईसाई धर्म में ईस्टर और गुड फ्राइडे का है विशेष महत्व।
    2. ईसा मसीह से संबंधित माने जाते हैं यह दोनों दिन।
    3. गुड फ्राइडे के बाद मनाया जाता है ईस्टर संडे।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ईसाई धर्म के अनुयायियों के लिए गुड फ्राइडे  (Good Friday 2025) और ईस्टर संडे का दिन एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। जहां गुड फ्राइडे को शोक दिवस के रूप में मनाया जाता है। वहीं गुड फ्राइडे के बाद आने वाले संडे को ईस्टर संडे कहा जाता है। इस दोनों की दिन पर लोग चर्च में जाकर प्रार्थना करते हैं और प्रभु ईसु को याद करके उनका आभार व्यक्त करते हैं।

    कब है गुड फ्राइडे और ईस्टर संडे

    गुड फ्राइडे को शोक दिवस के रूप में मनाया जाता है, तो वहीं ईस्टर संडे एक खुशी का दिन है। ऐसे में साल 2025 में 18 अप्रैल को गुड फ्राइडे मनाया जाएगा। वहीं ईस्टर संडे 20 अप्रैल को मनाया जाएगा। गुड फ्राइडे के दिन लोग चर्च जाकर प्रार्थना करते हैं और प्रभु ईसा मसीह के बलिदान को याद करते हैं। वहीं ईस्टर के मौके पर लोग एक-दूसरे को बधाई देते हैं। इस दिन पर अंडों का काफी महत्व माना गया है। ईस्टर के खास मौके पर लोग अंडों को अलग-अलग तरह से सजाते हैं और एक-दूसरे को तोहफे के रूप में देते हैं।

    (Picture Credit: Freepik)

    क्यों मनाए जाते हैं ये दिन

    ईसाई धर्म ग्रंथों के अनुसार, रोम में ईसा मसीह लोगों को प्रेम का संदेश दिया करते थे, जिस कारण उनकी लोकप्रियता काफी बढ़ गई। इस कारण वहां के धर्म गुरुओं को यह डर था कि उनकी लोकप्रियता कम हो जाएगी। तब यहूदी शासकों ने प्रभु यीशु पर राजद्रोह का आरोप लगाकर उन्हें मृत्युदंड की सजा सुनाई।

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    (Picture Credit: Freepik) (AI Image)

    इस दौरान ईसा मसीह को कई तरह की यातनाएं दी गई और फिर उन्हें सूली में लटका दिया गया। कहा जाता है कि जिस दिन प्रभु यीशु ने प्राण त्यागे थे, उस दिन शुक्रवार था, लेकिन इसके बाद आने वाले संडे पर एक चमत्कार हुआ और प्रभु ईसा मसीह दोबारा जीवित हो गए। इस दिन पर ईसा मसीह ने लोगों के लिए बलिदान दिया था इसलिए इस दिन को गुड फ्राइडे के रूप में मनाया जाता है। वहीं ईस्टर संडे को प्रभु यीशु के पुनर्जीवित होने की खुशी में मनाया जाता है।

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