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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Brihaspati Dev Mantra: गुरुवार के दिन करें देवगुरु बृहस्पति के मंत्रों का जाप, धन-प्रतिष्ठा में होगी वृद्धि

    Updated: Thu, 05 Sep 2024 07:30 AM (IST)

    किसी भी जातक की कुंडली में बृहस्पति ग्रह का विशेष प्रभाव पड़ता है। लेकिन अगर कुंडली में इस ग्रह की स्थित ठीक नहीं है तो ऐसे में व्यक्ति पर अशुभ प्रभाव ...और पढ़ें

    Brihaspati Dev Mantra गुरुवार के दिन करें देवगुरु बृहस्पति के मंत्रों का जाप
    Brihaspati Dev Mantra गुरुवार के दिन करें देवगुरु बृहस्पति के मंत्रों का जाप

    HighLights

    1. कुंडली में बृहस्पति ग्रह का पड़ता है विशेष प्रभाव।
    2. गुरु ग्रह की स्थिति अच्छी होने पर बनी रहती है सुख-समृद्धि।
    3. गुरु ग्रह की मजबूती के लिए कर सकते हैं इन मंत्रों का जाप।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। व्यक्ति की जन्मकुंडली में बृहस्पति गुरु का प्रतिनिधित्व करता है। यदि कुंडली में गुरु ग्रह की स्थिति अच्छी होती है तो इससे व्यक्ति के स्वभाव पर भी प्रभाव पड़ता है। इसके प्रभाव से व्यक्ति दयालु, धैर्यवान, बुद्धिमान और चंचल स्वभाव का होता है। ऐसे में आप गुरुवार के दिन देवगुरु बृहस्पति के मंत्रों का जाप कुंडली में गुरु ग्रह की स्थिति को मजबूत कर सकते हैं।

    करें इन मंत्रों का जाप

    1. देवानाम च ऋषिणाम च गुरुं कांचन सन्निभम।

    बुद्धिभूतं त्रिलोकेशं तं नमामि बृहस्पतिम्।।

    2. ॐ बृं बृहस्पतये नमः।।

    3. ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः।।

    4. ॐ ह्रीं नमः।

    ॐ ह्रां आं क्षंयों सः ।।

    5. बृहस्पति मंत्र -

    ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः!

    6. ध्यान मंत्र -

    रत्नाष्टापद वस्त्र राशिममलं दक्षात्किरनतं करादासीनं,

    विपणौकरं निदधतं रत्नदिराशौ परम्।

    पीतालेपन पुष्प वस्त्र मखिलालंकारं सम्भूषितम्,

    विद्यासागर पारगं सुरगुरुं वन्दे सुवर्णप्रभम्।।

    8. बृहस्पति विनियोगा मंत्र -

    ॐ अस्य बृहस्पति नम:

    ॐ अनुष्टुप छन्दसे नम:

    ॐ सुराचार्यो देवतायै नम:

    ॐ बृं बीजाय नम:

    ॐ शक्तये नम:

    ॐ विनियोगाय नम:

    9. ऊं अंशगिरसाय विद्महे दिव्यदेहाय धीमहि तन्नो जीव: प्रचोदयात्।

    10. गुरु का वैदिक मंत्र -

    ओम बृहस्पते अति यदर्यो अर्हाद् द्युमद्विभाति क्रतुमज्जनेषु।

    यद्दीदयच्छवस ऋतप्रजात तदस्मासु द्रविणं धेहि चित्रम्।।

    "ॐ बृ बृहस्पतये नमः"

    ॐ अंगिरसाय विद्महे दिव्यदेहाय धीमहि तन्नो जीव: प्रचोदयात"

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    कर सकते हैं ये काम

    कुंडली में गुरु की स्थिति को मजबूत करने के लिए गुरुवार के दिन पानी में एक चुटकी हल्दी डालकर स्नान करें। इसके साथ ही गुरुवार के दिन व्रत रखें और पीले रंग के वस्त्र धारण करें। साथ ही इस दिन केले के पौधे में जल जरूर अर्पित करें। गुरुवार के दिन पीली चीजों जैसे बेसन, चने की दाल आदि का दान करें।

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