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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Hariyali Teej 2023: पहली बार कर रही हैं हरियाली तीज व्रत, तो इन बातों का रखें ध्यान

    By Suman SainiEdited By: Suman Saini
    Updated: Fri, 04 Aug 2023 02:10 PM (IST)

    Hariyali Teej 2023 हिंदू धर्म में हरियाली तीज एक विशेष महत्व रखती है। हिंदू पंचांग के अनुसार हरियाली तीज का पर्व सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि ...और पढ़ें

    Hariyali Teej 2023 हरियाली तीज व्रत के नियम।
    Hariyali Teej 2023 हरियाली तीज व्रत के नियम।

    HighLights

    1. माता पार्वती को समर्पित हैं हरियाली तीज का पर्व
    2. सुहागिन महिलाएं सौभाग्य के लिए रखती हैं हरियाली तीज का व्रत
    3. हरियाली तीज पर इन नियमों का रखें ध्यान

    नई दिल्ली, अध्यात्म डेस्क। Hariyali Teej 2023: हरियाली तीज माता पार्वती को समर्पित हैं। इस दिन माता पार्वती की पूरे विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस दौरान महिलाएं व्रत रखकर माता पार्वती की पूजा करती हैं। वर्ष 2023 में हरियाली तीज का व्रत 19 अगस्त को किया जाएगा। हरियाली तीज पर सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत करती हैं, और शिव-पार्वती की पूजा करती हैं।

    हरियाली तीज का महत्व (Hariyali Teej 2023)

    हरियाली तीज का पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन के रूप में मनाया जाता है। माना जाता है कि भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए माता पार्वती के व्रत की शुरुआत हरियाली तीज से ही हुई थी। पौराणिक कथा के अनुसार, हरियाली तीज के दिन भगवान शिव ने पार्वती की कठोर तपस्या के बाद उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया था। इस दिन महिलाएं 16 श्रृंगार करके भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करती हैं। साथ ही इस दिन हरे रंग के कपड़े पहनने का विशेष महत्व है। इस दिन महिलाओं के बीच झूला झूलने का भी प्रचलन है।

    इस तरह लें व्रत का संकल्प (Hariyali Teej Vrat Vidhi)

    हरियाली तीज के दिन सुहागिन महिलाओं को सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि करने के बाद माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए। इस दिन पति-पत्नी का साथ मिलकर शिव-पार्वती की पूजा करना शुभ माना गया है। इसके बाद निर्जला व्रत का संकल्प करें। यदि निर्जला व्रत करने में सक्षम नहीं हैं तो फलाहार व्रत का संकल्प भी लें सकते हैं।

    जरूर करें ये काम

    हरियाली तीज पर 16 श्रृंगार करने का विशेष महत्व है। 16 श्रृंगार को अपने श्रृंगार का हिस्सा बनाना चाहिए। इस दिन महिलाओं को अपने हाथों में मेंहदी भी जरूर लगानी चाहिए। साथ ही इस दिन हरे रंग के वस्त्र धारण करें। हरियाली तीज के दिन महिलाओं के बीच झूला झूलने का भी प्रचलन है।

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    इन बातों का रखें ध्यान

    हरियाली तीज के दिन व्रत करने वाली महिलाओं को सफेद रंग के कपड़े धारण नहीं करने चाहिए। इस दिन काली चूड़िया पहनना भी शुभ नहीं माना जाता। इस दिन किसी का बड़े-बुजुर्ग का अपमान अपने पति से झगड़ा आदि न करें। ऐसा करने पर व्रत का पूरा फल प्राप्त नहीं होता।  

    डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'