Holi 2026: होली पर बरसेगी मां लक्ष्मी की असीम कृपा, जानें बरकत के लिए 5 सरल उपाय
Holi 2026: होली की रात को 'सिद्ध रात्रि' माना जाता है। जानें मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के 5 अचूक उपाय, जिनसे आर्थिक तंगी दूर होगी और घर में सुख-समृद ...और पढ़ें

Holi 2026: होली पर करें श्री यंत्र की पूजा (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। होली का त्योहार न केवल रंगों और खुशियों का उत्सव है, बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से इसे 'सिद्ध रात्रि' भी माना जाता है। शास्त्रों में होली की रात को तंत्र-मंत्र और लक्ष्मी प्राप्ति के उपायों के लिए दीपावली की तरह ही फलदायी बताया गया है। अगर आप आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं या घर में बरकत नहीं हो रही, तो होली 2026 पर कुछ विशेष उपाय आपकी किस्मत बदल सकते हैं।
मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के उपाय
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होलिका दहन की रात को बुराई पर अच्छाई की जीत होती है और इस समय वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस रात को लक्ष्मी जी की विशेष पूजा करने से दरिद्रता दूर होती है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
1. गोमती चक्र का चमत्कारी उपाय
आर्थिक लाभ के लिए होली की रात को 11 गोमती चक्र लेकर मां लक्ष्मी के चरणों में रखें और अगले दिन उन्हें लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रख दें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से रुका हुआ पैसा वापस मिलता है और व्यापार में उन्नति के द्वार खुलते हैं।

(Image Source: AI-Generated)
2. होलिका दहन की राख का महत्व
होलिका दहन के बाद उसकी राख को बहुत पवित्र माना जाता है। पुराणों के अनुसार, इस राख को घर लेकर आने और इसे घर के कोने-कोने में छिड़कने से नकारात्मक शक्तियां बाहर निकलती हैं और लक्ष्मी जी का स्थाई वास होता है।
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3. श्री यंत्र की स्थापना और मंत्र जप
होली की शाम को अपने घर के मंदिर में 'श्री यंत्र' की स्थापना करें और उस पर गुलाल चढ़ाएं। मंत्र विज्ञान के मुताबिक, इस समय 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद' मंत्र का जाप करने से धन की देवी की कृपा हमेशा बनी रहती है।
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।