Holi 2026: होली के जश्न में न पड़े खलल, चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं रखें इन बातों का खास ख्याल
साल 2026 में होली पर चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) का साया रहेगा, जिसे ज्योतिष में महत्वपूर्ण माना गया है। यह संयोग विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के लिए ...और पढ़ें

Holi 2026: चंद्र ग्रहण के नियम। (Ai Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Holi 2026: साल 2026 में रंगों का त्योहार होली पर चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) का साया पड़ रहा है। हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण की अवधि को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। जहां एक तरफ होली खुशियों का पर्व है, वहीं ग्रहण काल को नकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला समय माना गया है। यह संयोग विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के लिए थोड़ा संभलकर चलने का है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण का सीधा प्रभाव गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ता है। ऐसे में होली की खुशियों के बीच किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को कुछ विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए। आइए नियमों के बारे में जानते हैं -
गर्भवती महिलाएं क्या करें और क्या नहीं? (Dos And Donts)

क्या न करें?
- ग्रहण की अवधि के दौरान गर्भवती महिलाएं घर से बाहर न निकलें। ग्रहण की छाया गर्भ पर पड़ना शुभ नहीं माना जाता। इसलिए, ग्रहण खत्म होने तक होली खेलने से परहेज करें और घर के अंदर रहें।
- ग्रहण काल के दौरान गर्भवती महिलाओं को चाकू, कैंची, सुई या किसी भी धारदार वस्तु का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से बच्चे के अंगों पर बुरा असर पड़ सकता है या उसे शारीरिक कष्ट हो सकता है।
- ग्रहण के सूतक काल में भोजन पकाना और खाना दोनों मना होता है। हालांकि गर्भावस्था में सेहत को देखते हुए पहले से बने भोजन में तुलसी के पत्ते डालकर खाया जा सकता है।
- शास्त्रों में ग्रहण के दौरान सोने की मनाही है। इस समय गर्भवती महिलाओं को ईश्वर का ध्यान करना चाहिए। इससे बच्चे पर ग्रहण का कोई अशुभ प्रभाव नहीं पड़ता है।
- इस दौरान तामसिक चीजों से परहेज करना चाहिए।
क्या करें?
- जैसे ही ग्रहण समाप्त हो गर्भवती महिला को स्नान जरूर करना चाहिए।
- अगर स्नान मुश्किल हो, तो कम से कम गंगाजल छिड़क कर कपड़े बदल लें। इसके बाद ही भोजन ग्रहण करें।
- ग्रहण काल के दौरान वैदिक मंत्रों का जाप करना बहुत शुभ माना जाता है।
- खाने-पीने की चीजों में कुश या तुलसी के पत्ते पहले ही डाल दें।
- ग्रहण समाप्त होने के बाद पूरे घर में गंगाजल छिड़कें और स्नान के बाद दान-पुण्य करें।
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