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    Holika Dahan 2026: 2 या 3 मार्च कब है होलिका दहन? जानें सही तिथि और शुभ मुहूर्त

    Updated: Mon, 16 Feb 2026 01:01 PM (IST)

    होलिका दहन हर साल फाल्गुन पूर्णिमा के दिन किया जाता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, तो आइए इस साल होलिका दहन (Holika Dahan 2026) कब क ...और पढ़ें

    Holika Dahan 2026: होलिका दहन का महत्व।

    Holika Dahan 2026: होलिका दहन का महत्व।

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। हर साल यह पर्व फाल्गुन महीने की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। साल 2026 में होली की तारीख को लेकर लोगों के मन में थोड़ी कन्फ्यूजन है कि होलिका दहन 2 मार्च या 3 मार्च कब मनाया जाएगा? हिंदू पंचांग के अनुसार, आइए होलिका दहन (Holika Dahan 2026) की सही तारीख और पूजा का शुभ समय जानते हैं।

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    होलिका दहन 2026 कब? (Holika Dahan 2026 Date and Shubh Muhurat)

    हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 02 मार्च को शाम 05 बजकर 55 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 03 मार्च को शाम 05 बजकर 07 मिनट पर होगा। ज्योतिषियों की मानें तो 02 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा, क्योंकि 03 मार्च चंद्र ग्रहण लग रहा है। साथ ही 04 मार्च को होली मनाई जाएगी।

    होलिका दहन का महत्व (Holika Dahan 2026 Significance)

    पौराणिक कथा के अनुसार, राक्षस हिरण्यकश्यप की बहन होलिका को आग में न जलने का वरदान प्राप्त था। वह अपने ही भतीजे श्री हरि भक्त प्रहलाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठी, लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से प्रहलाद बच गए और होलिका जलकर भस्म हो गई। यह पर्व बुराई पर अच्छाई जी जीत का प्रतीक है। इस दिन लोग होलिका की पूजा करते हैं और होलिका दहन की अग्नि में गाय के गोबर के उपले, गेहूं की बालियां और चने अर्पित करते हैं। साथ ही अग्नि की परिक्रमा लगाकर वे अपने घर-परिवार की सुख-समृद्धि और रोगों से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं।

    पूजन मंत्र

    मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
    मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
    ॐ वासुदेवाय विघ्माहे वैधयाराजाया धीमहि तन्नो धन्वन्तरी प्रचोदयात् ||
    ॐ तत्पुरुषाय विद्‍महे अमृता कलसा हस्थाया धीमहि तन्नो धन्वन्तरी प्रचोदयात् ||

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

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