Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jagannath Rath Yatra 2025: श्रीजगन्नाथ रथयात्रा के दौरान इन बातों का रखें ध्यान, गलती से भी न करें ये काम

    Updated: Sun, 08 Jun 2025 12:40 PM (IST)

    श्री जगन्नाथ रथयात्रा (Jagannath Rath Yatra 2025) जिसे पुरी रथयात्रा भी कहते हैं। यह हर साल ओडिशा के पुरी में जगन्नाथ मंदिर से शुरू होती है। भगवान जगन ...और पढ़ें

    Jagannath Rath Yatra 2025: श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा के नियम।
    Jagannath Rath Yatra 2025: श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा के नियम।

    HighLights

    1. जगन्नाथ रथ यात्रा बहुत पुण्यदायी मानी जाती है।
    2. जगन्नाथ रथ यात्रा की शुरुआत 27 जून से होगी।
    3. इस .यात्रा में शामिल होने से सभी दुख दूर होते हैं।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। श्री जगन्नाथ रथयात्रा, जिसे पुरी रथयात्रा के नाम से भी जाना जाता है। इसका शास्त्रों में बड़ा महत्व बताया गया है। यह पर्व हर साल ओडिशा के पुरी में स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से शुरू होती है और भगवान जगन्नाथ के बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ उनकी मौसी के घर गुंडिचा मंदिर तक जाती है। इस धार्मिक यात्रा में लाखों भक्त शामिल होते हैं। इस साल जगन्नाथ रथ यात्रा की शुरुआत दिन शुक्रवार 27 जून, 2025 से होने जा रही है।

    वहीं, इस दिव्य यात्रा (Jagannath Rath Yatra 2025) को लेकर कई सारे नियम बनाए गए हैं, जिनका पालन हर किसी को करना चाहिए, तो चलिए उनके बारे में जानते हैं।

    कब शुरू होगी श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा? (Jagannath Rath Yatra 2025 Date And Time)

    ज्योतिषीय गणना के आधार पर आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि यानी 26 जून को दोपहर 1 बजकर 24 मिनट पर शुरू हो रही है। वहीं, इसका समापन 27 जून को सुबह 11 बजकर 19 मिनट पर होगा। ऐसे में जगन्नाथ रथ यात्रा 27, 2025 जून को शुरू होगी।

    यात्रा के दौरान इन बातों का दें ध्यान (Jagannath Rath Yatra 2025 Rules)

    • रथयात्रा में लाखों की संख्या में भक्त शामिल होते हैं, इसलिए रथ को पकड़ने के लिए धक्का-मुक्की न करें।
    • यात्रा के दौरान तामसिक चीजें न ले जाएं।
    • मन में किसी के लिए गलत विचार न रखें।
    • यात्रा के दौरान किसी के साथ गलत व्यवहार न करें।
    • मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भी स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें।
    • यात्रा के दौरान शांत और धैर्य रखें।
    • बच्चे, बुजुर्गों और महिलाओं की यात्रा में मदद करें।
    • यात्रा के दौरान मिलने वाले प्रसाद को तुरंत ग्रहण करें, क्योंकि यह भगवान का आशीर्वाद माना जाता है।
    • यह एक धार्मिक यात्रा है, इसलिए पूरी यात्रा के दौरान श्रीजगन्नाथ बाबा के मंत्रों का जप करें।
    • भगवान के रथ या अन्य पवित्र वस्तुओं का अनादर न करें।
    • रथ पर चढ़ने या उन्हें छूने का प्रयास न करें, जब तक कि अनुमति न हो।
    • ज्यादा शोर या चिल्लाने से बचें।

    यह भी पढ़ें: Vat Savitri Purnima 2025: वट सावित्री पूर्णिमा का पहली बार रख रहे हैं व्रत, तो नोट करें ये जरूरी बातें

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

    खबरें और भी