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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jagannath Rath Yatra 2025: जगन्नाथ रथ यात्रा में सोने की झाड़ू से होगी सफाई, क्या आप जानते हैं इसका धार्मिक महत्व

    Updated: Tue, 10 Jun 2025 01:42 PM (IST)

    Jagannath Rath Yatra 2025 जगन्नाथ रथ यात्रा 2025 में सोने की झाड़ू का विशेष महत्व है। यह आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को निकाली जाती है जो ...और पढ़ें

    Jagannath temple Puri 2025: सोने की झाड़ू से रास्ते की सफाई करने को शुभता का प्रतीक माना जाता है।
    Jagannath temple Puri 2025: सोने की झाड़ू से रास्ते की सफाई करने को शुभता का प्रतीक माना जाता है।

    HighLights

    1. सोने को शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
    2. मान्यता है कि इससे पॉजिटिव एनर्जी का संचार होता है।
    3. जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के प्रति आभार जताते हैं।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Puri Rath Yatra 2025: ओडिशा के पुरी में रथ यात्रा (Jagannath Rath Yatra 2025) आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को निकाली जाती है। इस साल 27 जून 2025 (Rath Yatra date) को यह भव्य कार्यक्रम होने जा रहा है। इस दौरान कई सारी ऐसी परंपराएं होंगी, जिन्हें देखकर और जानकर आप हैरान रह जाएंगे। 

    इन्हीं में से एक है यात्रा से पहले सोने के हत्थे वाली झाड़ू से सफाई करना। इस परंपरा का पालन कई वर्षों से किया जा रहा है। मान्यताओं के अनुसार, कोई भी व्यक्ति इस झाड़ू से सफाई नहीं कर सकता है। इस अनुष्ठान में सिर्फ राजाओं के वंशज ही भाग लेते हैं। 

    सोना बहुमूल्य है, शुभ है और इस धातु से बनी झाड़ू से रास्ते की सफाई करने को शुभता के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। मान्यता है कि ऐसा करके प्रभु जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के प्रति आभार जताया जाता है। यह जताया जाता है कि भक्त अपनी तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रभु के चरणों में अर्पित करने के लिए तैयार हैं। साथ ही उनके रास्ते को पूर्ण रूप से स्वच्छ और शुद्ध किया जाता है।

    सर्वश्रेष्ठ अर्पण करने की इच्छा

    सोने की झाड़ू से सफाई किए जाने के बाद वैदिक मंत्रों का जाप होता है। इसके बाद शुरू होती है रथ यात्रा। इस अनुष्ठान के पीछे धार्मिक कारण यह बताया जाता है कि सोना पवित्र धातु है। इसका उपयोग भगवानों और देवी-देवताओं की पूजा में किया जाता है। 

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    सोने की झाड़ू से सफाई करके रथ यात्रा के मार्ग को पवित्र किया जाता है, ताकि भगवान के आगमन के लिए वह रास्ता तैयार रहे। सोने की झाड़ू से सफाई करना यह भी दिखाता है कि यह भगवान के लिए भक्त अपना सर्वश्रेष्ठ अर्पण करने की इच्छा रखते हैं। 

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    सकारात्मक ऊर्जा का बढ़ता है प्रवाह

    सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक है सोना। मान्यता है कि सोने की झाड़ू से सफाई करने से उस क्षेत्र में पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो बढ़ता है। 

    वहीं, इसका सांस्कृतिक महत्व यह है कि सोने की झाड़ू लगाकर जगन्नाथ रथ यात्रा की भव्यता और राजसी स्वरूप दुनिया को दिखाया जाता है। जगन्नाथ रथ यात्रा का एक प्रमुख आकर्षण है, जिसे देखने के लिए देश-दुनिया से लाखों की संख्या में भक्त पहुंचते हैं।

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