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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jaya Ekadashi 2025: जया एकादशी पर करें मां लक्ष्मी के इन मंत्रों का जाप, धन से भरी रहेगी तिजोरी

    Updated: Sun, 02 Feb 2025 01:49 PM (IST)

    जया एकादशी का पर्व अपने आप में बहुत मंगलकारी माना जाता है। यह शुभ दिन भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा के लिए समर्पित है। हिंदू पंचांग के अनुसार इ ...और पढ़ें

    Jaya Ekadashi 2025: जया एकादशी पूजा का महत्व।
    Jaya Ekadashi 2025: जया एकादशी पूजा का महत्व।

    HighLights

    1. जया एकादशी का पर्व अपने आप में बहुत मंगलकारी माना जाता है।
    2. इस साल माघ माह की एकादशी 08 फरवरी को मनाई जाएगी।
    3. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का विधान है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। जया एकादशी एक बहुत पावन दिन माना जाता है, जब लोग उपवास करते हैं। यह माघ महीने के शुक्ल पक्ष के ग्यारहवें दिन मनाई जाती है। इस तिथि पर लोग अपने शरीर और मन को शुद्ध करने के लिए श्री हरि की विधिवत पूजा-अर्चना करते हैं। इसके साथ ही कठिन व्रत रखते हैं। इसे भीष्म एकादशी भी कहा जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल यह व्रत (Jaya Ekadashi 2025 Data) 08 फरवरी को रखा जाएगा। इसके साथ ही इस मौके पर मां लक्ष्मी के 108 नामों का जाप करना चाहिए। इससे जीवन में शुभता आती है, तो आइए यहां पढ़ते हैं।

    ।।लक्ष्मी जी के 108 नाम।।

    1. प्रकृती

    2. विकृती

    3. विद्या

    4. सर्वभूतहितप्रदा

    5. श्रद्धा

    6. विभूति

    7. सुरभि

    8. परमात्मिका

    9. वाचि

    10. पद्मलया

    11. पद्मा

    12. शुचि

    13. स्वाहा

    14. स्वधा

    15. सुधा

    16. धन्या

    17. हिरण्मयी

    18. लक्ष्मी

    19. नित्यपुष्टा

    20. विभा

    21. आदित्य

    22. दित्य

    23. दीपायै

    24. वसुधा

    25. वसुधारिणी

    26. कमलसम्भवा

    27. कान्ता

    28. कामाक्षी

    29. क्ष्रीरोधसंभवा, क्रोधसंभवा

    30. अनुग्रहप्रदा

    31. बुध्दि

    32. अनघा

    33. हरिवल्लभि

    34. अशोका

    35. अमृता

    36. दीप्ता

    37. लोकशोकविनाशि

    38. धर्मनिलया

    39. करुणा

    40. लोकमात्रि

    41. पद्मप्रिया

    42. पद्महस्ता

    43. पद्माक्ष्या

    44. पद्मसुन्दरी

    45. पद्मोद्भवा

    46. पद्ममुखी

    47. पद्मनाभाप्रिया

    48. रमा

    49. पद्ममालाधरा

    50. देवी

    51. पद्मिनी

    52. पद्मगन्धिनी

    53. पुण्यगन्धा

    54. सुप्रसन्ना

    55. प्रसादाभिमुखी

    56. प्रभा

    57. चन्द्रवदना

    58. चन्द्रा

    59. चन्द्रसहोदरी

    60. चतुर्भुजा

    61. चन्द्ररूपा

    62. इन्दिरा

    63. इन्दुशीतला

    64. आह्लादजननी

    65. पुष्टि

    66. शिवा

    67. शिवकरी

    68. सत्या

    69. विमला

    70. विश्वजननी

    71. तुष्टि

    72. दारिद्र्यनाशिनी

    73. प्रीतिपुष्करिणी

    74. शान्ता

    75. शुक्लमाल्यांबरा

    76. श्री

    77. भस्करि

    78. बिल्वनिलया

    79. वरारोहा

    80. यशस्विनी

    81. वसुन्धरा

    82. उदारांगा

    83. हरिणी

    84. हेममालिनी

    85. धनधान्यकी

    86. सिध्दि

    87. स्त्रैणसौम्या

    88. शुभप्रदा

    89. नृपवेश्मगतानन्दा

    90. वरलक्ष्मी

    91. वसुप्रदा

    92. शुभा

    93. हिरण्यप्राकारा

    94. समुद्रतनया

    95. जया

    96. मंगला देवी

    97. विष्णुवक्षस्स्थलस्थिता

    98. विष्णुपत्नी

    99. प्रसन्नाक्षी

    100. नारायणसमाश्रिता

    101. दारिद्र्यध्वंसिनी

    102. देवी

    103. सर्वोपद्रव वारिणी

    104. नवदुर्गा

    105. महाकाली

    106. ब्रह्माविष्णुशिवात्मिका

    107. त्रिकालज्ञानसम्पन्ना

    108. भुवनेश्वरी

    यह भी पढ़ें: Jaya Ekadashi 2025: जया एकादशी पर क्या करें और क्या नहीं? एक क्लिक में जानें पूरी जानकारी

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