यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
June Pradosh Vrat 2025: जून महीने में कब-कब है प्रदोष व्रत? यहां पता करें शुभ मुहूर्त एवं योग
सनातन धर्म में आषाढ़ महीने (June Pradosh Vrat 2025) का खास महत्व है। यह महीना जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस महीने में देवशयनी एकाद ...और पढ़ें

HighLights
- देवों के देव महादेव को त्रयोदशी तिथि प्रिय है।
- इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है।
- भगवान शिव की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि देवों के देव महादेव को समर्पित होता है। इस दिन भगवान शिव और जगत की देवी मां पार्वती की पूजा एवं भक्ति की जाती है। साथ ही मनचाहा वरदान पाने के लिए व्रत रखा जाता है। इस व्रत की महिमा शास्त्रों में निहित है।
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धार्मिक मत है कि भगवान शिव की पूजा करने से जीवन में व्याप्त सभी प्रकार के दुख एवं संकट यथाशीघ्र दूर हो जाते हैं। साथ ही सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। इसके अलावा, शिव जी की कृपा से मृत्यु के बाद उच्च लोक में स्थान मिलता है। लेकिन क्या आपको पता है कि जून महीने में कब-कब प्रदोष व्रत है? आइए, प्रदोष व्रत की डेट एवं शुभ मुहूर्त जानते हैं-
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प्रदोष व्रत 2025 डेट और शुभ मुहूर्त (Pradosh Vrat 2025 Date and Shubh Muhurat)
वैदिक पंचांग के अनुसार, 08 जून को सुबह 07 बजकर 17 मिनट पर ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि शुरू होगी। वहीं, 09 जून को सुबह 09 बजकर 35 मिनट पर त्रयोदशी तिथि समाप्त होगी। सनातन धर्म में उदया तिथि मान है। इसके लिए 08 जून को ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत रखा जाएगा। रविवार के दिन पड़ने के चलते यह रवि प्रदोष व्रत कहलाएगा। इस दिन भगवान शिव की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 07 बजकर 18 मिनट से लेकर 09 बजकर 19 मिनट तक है।
प्रदोष व्रत 2025 डेट और शुभ मुहूर्त (Pradosh Vrat 2025 Date and Shubh Muhurat)
वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 23 जून को देर रात 01 बजकर 21 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, 23 जून को रात 10 बजकर 09 मिनट पर त्रयोदशी तिथि समाप्त होगी। त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष काल में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है। इसके लिए 23 जून को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत रखा जाएगा। इस दिन भगवान शिव की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 07 बजकर 22 मिनट से लेकर 09 बजकर 23 मिनट तक है। सोमवार के दिन पड़ने के चलते यह सोम प्रदोष व्रत कहलाएगा।
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