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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Sakat Chauth 2025: सकट चौथ पर गणेश जी को लगाएं उनके ये प्रिय भोग, खुश होंगे गणपति

    Updated: Sun, 29 Dec 2024 11:47 AM (IST)

    सकट चौथ का पर्व हर साल माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। इस बार यह 17 जनवरी को मनाया जा रहा है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा का विधान है ...और पढ़ें

    Sakat Chauth 2025: भगवान गणेश के प्रिय भोग।
    Sakat Chauth 2025: भगवान गणेश के प्रिय भोग।

    HighLights

    1. सकट चौथ का पर्व हर साल माघ माह में मनाया जाता है।
    2. इस बार यह 17 जनवरी को मनाया जा रहा है।
    3. इस दिन भगवान गणेश की पूजा का विधान है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। चौथ हिंदुओं के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा होती है। इस तिथि पर, हिंदू विवाहित महिलाएं अपने बच्चों की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ के लिए कठिन उपवास का पालन करती हैं और विधिपूर्वक गौरी नंदन की पूजा करती हैं। संकट चौथ माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। कहते हैं कि अगर इस शुभ (Sakat Chauth 2025) अवसर पर बप्पा को उनका प्रिय भोग लगाया जाए, तो जीवन की सभी परेशानियों से मुक्ति मिलती है, तो चलिए यहां पर उन भोग के बारे में जानते हैं।

    सकट चौथ पर भगवान गणेश को लगाएं ये भोग (Sakat Chauth 2025 Bhog List)

    तिलकुट - सकट चौथ के दिन गुड़ और तिल से बना तिलकुट के प्रसाद का भोग बप्पा को जरूर लगाना चाहिए, क्योंकि यह इस दिन का मुख्य प्रसाद होता है। इस भोग को अर्पित करने भगवान गणेश खुश होते हैं। साथ ही मनचाहा फल देते हैं।

    मोदक - यह भोग भगवान गणेश को अति प्रिय है। कहते हैं कि इसे चढ़ाने से जीवन की सभी बाधाएं समाप्त होती हैं। साथ ही परिवार में खुशहाली का माहौल बना रहता है।

    गुड़धानी - कहते हैं कि गौरी नंदन को गुड़धानी का भोग चढ़ाने से घर में कभी धन और वैभव का अभाव नहीं रहता है। इसके साथ ही धन-धान्य में वृद्धि होती है।

    केले - बप्पा को केले का भोग चढ़ाना भी अति शुभ माना जाता है। ऐसे में सकट चौथ के दिन केले का भोग भी श्री गणेश को जरूर चढ़ाएं।

    सकट चौथ 2025 कब है? (Sakat Chauth Shubh Muhurat)

    हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ माह की चतुर्थी तिथि 17 जनवरी, 2025 को सुबह 04 बजकर 06 मिनट पर शुरू होगी, वहीं, इसका समापन अगले दिन 18 जनवरी को सुबह 05 बजकर 30 मिनट पर होगा। पंचांग के आधार पर सकट चौथ का व्रत दिन शुक्रवार, 17 जनवरी, 2025 को रखा जाएगा।

    इसके साथ ही इस तिथि पर चन्द्रोदय (Sakat Chauth chandroday Time) रात 09 बजकर 09 मिनट पर होगा।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

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