यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Karwa Chauth 2024: इन महिलाओं को नहीं करना चाहिए करवा चौथ का व्रत, बढ़ सकती हैं मुश्किलें
करवा चौथ का व्रत हिंदू धर्म के प्रमुख व्रत-त्योहारों में से एक माना गया है। इस व्रत को निर्जला रखने का विधान है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि किन मह ...और पढ़ें

HighLights
- कार्तिक माह की किया जाता है करवा चौथ का व्रत।
- पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा जाता है यह व्रत।
- चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद किया जाता है इसका पारण।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक माह में आनी वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर करवा चौथ (Karwa Chauth 2024 Vrat) का व्रत किए जाने का विधान है। ऐसा माना जाता है कि इस व्रत को करने से शादीशुदा जीवन खुशहाल बना रहता है, साथ ही पति को लंबी उम्र भी प्राप्त होती है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि इस साल करवा चौथ का व्रत कब किया जाएगा।
करवा चौथ पूजा मुहूर्त (Karwa Chauth Shubh Muhurat)
हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 19 अक्टूबर, 2024 को शाम 06 बजकर 16 मिनट पर शुरू हो रही है। साथ ही इस तिथि का समापन 20 अक्टूबर को दोपहर 03 बजकर 46 मिनट पर होने जा रहा है। ऐसे में करवा चौथ (Karwa Chauth 2024) का व्रत रविवार, 19 अक्टूबर को किया जाएगा। इस दिन शुभ मुहूर्त ये रहने वाला है -
करवा चौथ पूजा मुहूर्त - शाम 05 बजकर 47 मिनट से 07 बजकर 04 मिनट तक
करवा चौथ व्रत समय - सुबह 06 बजकर 34 मिनट से शाम 07 बजकर 22 मिनट पर
करवा चौथ के दिन चन्द्रोदय का समय - शाम 07 बजकर 22 मिनट पर
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ये लोग न करें व्रत
करवा चौथ का व्रत निर्जला रखे जाने का विधान है और इस व्रत में पूरे दिन अन्न-जल का त्याग करना होता है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को इस व्रत को रखने से बचना चाहिए। ये उनके व गर्भस्त शिशु के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को करवा चौथ का व्रत न करने की सलाह दी जाती है।
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शास्त्रों में कही गई है ये बात
करवा चौथ (Karwa Chauth Vrat) का व्रत मुख्य रूप से पति की लंबी उम्र के लिए सुहागिन महिलाओं द्वारा किया जाता है। वहीं शास्त्रों में भी वर्णन मिलता है कि इस व्रत को केवल सुहागिन महिलाओं को ही करना चाहिए। ऐसे में कुवारी कन्याओं को यह व्रत नहीं करना चाहिए। लेकिन यदि आपको विवाह तय हो चुका है और इस व्रत को किया जा सकता है।
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