यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Khatu Shyam Ji: भक्तों की हर मुराद पुरी करते हैं बाबा खाटू, जानिए क्यों है इत्र चढ़ाने का इतना महत्व?
हिंदुओं में खाटू श्याम जी की विशेष मान्यता है। जिस प्रकार प्रत्येक देवी देवता को कुछ-न-कुछ विशेष भेंट चढ़ाया जाता है। जैसे शिव जी पर बेलपत्र और गणेश ज ...और पढ़ें

HighLights
- खाटू श्याम जी को कहा जाता है शीश का दानी।
- अपने भक्तों की हर मुराद पूरी करते हैं बाबा खाटू।
- खाटू जी पर चढ़ाया जाता है इत्र और गुलाब।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Khatu Shyam Mandir: खाटू श्याम जी का मंदिर राजस्थान के सीकर जिले में स्थित है। खाटू श्याम जी को तीन बाण धारी, हारे का सहारा और लख्तादार जैसे कई नामों से जाना जाता है। साथ ही उन्हें भगवान कृष्ण का कलयुगी अवतार भी माना गया है। असल में खाटू श्याम भीम के पौत्र और घटोत्कच के पुत्र बर्बरीक हैं।
बाबा खाटू श्याम की श्रृंगार आरती के दौरान उनका विशेष शृंगार किया जाता है। इस शृंगार में सुगंधित गुलाब के फूलों और इत्र का उपयोग किया जाता है, जिस कारण बाबा श्याम का गर्भगृह फूलों की महक और इत्र की सुगंध भी महकता रहता है। इसके पीछे एक बड़ा ही खास कारण मिलता है, ऐसे में आइए जानते हैं वह कारण।
इसलिए चढ़ता है इत्र
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब बाबा खाटू श्याम अर्थात बर्बरीक छोटे थे, तब उनके जन्म स्थान के पास एक ऐसी नगरी थी जहां बहुत से गुलाब के पौधे थे। बर्बरीक जी अपना अधिकतर समय वहीं बिताना पसंद करते थे। साथ ही उन्हें को गुलाबों के साथ खेलना बहुत पसंद था। तभी से गुलाब उनके प्रिय फूल बन गए। इसलिए खाटूश्याम जी को उनके प्रिय गुलाब के फूल या फिर गुलाबों से बना इत्र चढ़ाने की परंपरा शुरू हो गई।
यह भी है कारण
खाटू श्याम जी पर गुलाब या फिर गुलाब का इत्र चढ़ाने का अन्य कारण यह भी माना जाता है कि हिंदू धर्म में गुलाब को प्रेम का प्रतीक के रूप में देखा जाता है। ऐसे में जब भक्तगण बाबा श्याम जी को गुलाब का फूल, माला या इत्र अर्पित करते हैं, तब यह भक्त और भगवान के बीच के प्रेम और अटूट विश्वास को दर्शाता है।
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मिलता हैं ये लाभ
माना जाता है कि जो भक्त खाटू श्याम जी को सच्चे मन से गुलाब अर्पित करते हैं, बाबा उस भक्तों की सभी गलतियां माफी करते हैं। साथ ही उसकी सभी मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं। यह भी माना जाता है कि खाटू श्याम के मंदिर से इत्र लेकर आने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।
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ये चीजें भी की जाती हैं अर्पित
बाबा खाटू श्याम को गुलाब और इत्र के साथ-साथ खिलौने भी चढ़ाए जाते हैं। जिसके साथ यह मान्यता जुड़ी हुई है कि यदि कोई निसंतान दंपती खाटू श्याम जी को खिलौने, बांसुरी, और मोर छड़ी चढ़ाकर गोद भरने के लिए मन्नत मांगते हैं, तो उसकी यह मुराद पूरी हो जाती है। इसके साथ ही नारियल बांधकर भी अपने परिवार के लिए सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।
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