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तकिये के नीचे चाकू रखने से क्या सच में दूर भागते हैं बुरे सपने? जानें इस पुरानी मान्यता का सच!

Updated: Thu, 03 Sep 2026 10:08 AM (GMT+05:30)

तकिए के नीचे चाकू या नुकीली चीजें रखने की पुरानी मान्यता है, जिसे बुरे सपनों और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव ...और पढ़ें

तकिए के नीचे चाकू रखने की परंपरा (Picture Credits- AI Images)

तकिए के नीचे चाकू रखने की परंपरा (Picture Credits- AI Images)

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपने कभी किसी को यह कहते हुए सुना है कि, 'तकिये के नीचे चाकू या कोई नुकीली चीज रखें, इससे बुरे सपने नहीं आते हैं?' यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन यह मान्यता काफी पुरानी है जो सदियों से पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है।

कुछ भारतीय घरों में दादा-दादी बच्चों के तकिये के नीचे चाकू या कैंची रखने की सलाह देते हैं, खासकर जब बच्चे को रात को सोने के दौरान बुरे सपने आते हों या रात में वो डर के मारे जाग जाता हो।

सबसे मजेदार बात यह है कि, भारत ही सिर्फ एक ऐसा देश नहीं है जहां लोग ऐसा मानते हैं, बल्कि विश्व के अलग-अलग हिस्सों में भी ऐसी ही परंपराएं काफी प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इसके पीछे की मान्यता की सच्चाई।

तकिए की नीचे चाकू रखने का क्या मतलब?

यह मान्यता खासतौर पर सुरक्षा से जुड़ी है। पारंपरिक लोककथाओं के मुताबिक नुकीली वस्तुओं को नकारात्मक ऊर्जा, बुरी आत्माओं या डरावने प्रभावों से दूर रखने वाला माना जाता था। तकिए के नीचे चाकू या कैंची रखने से सोते हुए व्यक्ति के चारों ओर एक सुरक्षात्मक कवच बन जाता था।

कुछ परिवारों में यह प्रथा खासतौर से उन बच्चों से जुड़ी मानी जाती है, जिन्हें अक्सर बुरे सपने आते हैं। उनका मानना है कि नुकीली वस्तु सोते हुए बच्चे को हानिकारक ऊर्जा से बचाती है। हालांकि इस बात का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, लेकिन आज भी यह पारिवारिक परंपराओं का अहम हिस्सा है।

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लोहे को सुरक्षात्मक शक्तियां रखने वाले क्यों माना जाता है?

कई लोककथाओं में लोहे को सैकड़ों सालों से सुरक्षा के तौर पर देखा जाता रहा है। कई पारंपरिक संस्कृतियों में लोहे को एक मजबूत और शक्तिशाली पदार्थ माना जाता था,जो अवांछित आत्माओं या बुरी शक्तियों को दूर रखने में मदद कर सकता है। शायद यही वजह है कि चाकू, कैंची, चाबियां, कीलें या अन्य धातु की वस्तुएं सुरक्षात्मक अनुष्ठानों का हिस्सा बन गईं। समय के साथ ये मान्यताएं परंपराओं में तब्दील हो गईं और माता-पिता से बच्चों तक पहुंचती रहीं।

हालांकि इस तरह की परंपराओं का पालन करते हुए खास सावधानी बरतने की जरूरत होती है। तकिए के नीचे असली चाकू या खुली कैंची रखकर सोने से आकस्मिक चोट लग सकती है। सोते समय करवट बदलने से आप गलती से किसी नुकीली चीज के संपर्क में आ सकते हैं।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।