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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Navratri Kanya Puja 2024: इन चीजों के दान के बिना अधूरा है कन्या पूजन, जानें इसका शुभ मुहूर्त

    Updated: Thu, 10 Oct 2024 10:00 AM (IST)

    हिंदू धर्म में माना गया है कि कन्याएं मां दुर्गा का प्रतीक होती हैं। ऐसा माना जाता है कि उनके पास नौ देवियों की ऊर्जा और शक्ति होती है। ऐसे में कन्या ...और पढ़ें

    Navratri Kanya Puja 2024: कन्या पूजन के बाद करें ये दान।
    Navratri Kanya Puja 2024: कन्या पूजन के बाद करें ये दान।

    HighLights

    1. कन्या पूजन नवरात्र के दौरान किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है।
    2. कन्या पूजा मां दुर्गा की पूजा करने का एक तरीका है।
    3. कन्या पूजन को कंजक पूजा के नाम से भी जाना जाता है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। शारदीय नवरात्र का पर्व बेहद शुभ माना जाता है। इस पर्व के महत्वपूर्ण अनुष्ठान में से एक कन्या पूजन है, जिसे कुमारी व कंजक पूजा के नाम से भी जाना जाता है। यह आमतौर पर नवमी और अष्टमी के मौके पर आयोजित किया जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल कन्या पूजा (Navratri Kanya Puja 2024) 11 अक्टूबर को किया जाएगा।

    ऐसा कहा जाता है कि इसके बाद मां दुर्गा के नाम से कुछ विशेष चीजों का दान अवश्य करना चाहिए, तभी कन्या पूजन पूर्ण माना जाता है, तो आइए जानते हैं कि किन चीजों का दान करना शुभ है।

    कन्या पूजन के बाद करें ये दान (Navratri Kanya Puja 2024 Daan)

    शृंगार की सामग्री, लाल वस्त्र, अन्न, धन और चांदी के सिक्का आदि का दान करना बहुत ही उत्तम माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि कन्या पूजन के बाद कुछ दान अवश्य करना चाहिए। इससे घर में बरकत बनी रहती है। इसके साथ ही घर के अन्न और धन में वृद्धि होती है।

    ऐसा माना जाता है कि दान के बाद ही कन्या पूजन का पूर्ण फल प्राप्त होता है। इसलिए इस शुभ मौके पर दान-पु्ण्य अवश्य करना चाहिए।

    कब है अष्टमी-नवमी? (Kanya Puja Subh Muhurat)

    हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल शारदीय नवरात्र (Navratri 2024) नवमी और अष्टमी तिथि दोनों एक ही दिन यानी 11 अक्टूबर को मनाई जाएगी। इसके साथ ही इसी दिन सप्तमी-अष्टमी का व्रत भी रखा जाएगा। ऐसा कहा जा रहा है कि इस बार का नवरात्र व्रत बेहद शुभ है।

    वहीं, यह व्रत बिना कंजक पूजन के अधूरा होता है। इसलिए अष्टमी-नवमी के दिन कन्या पूजन का आयोजन (Kanya Pujan Significance) अवश्य करें। इससे व्रत का संपूर्ण फल मिलेगा।

    कन्या पूजा का मंत्र 

    • ॐ श्री दुं दुर्गायै नमः ।।
    • ॐ श्री कुमार्यै नमः ।।
    • या देवी सर्वभू‍तेषु 'कन्या ' रूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ।।

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