यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Laddu Gopal: लड्डू गोपाल को चाय और बिस्किट का भोग लगाना सही है या गलत?
लड्डू गोपाल की सेवा के दौरान कई तरह के नियमों का ध्यान रखा जाता है। ऐसी मान्यता है कि सच्चे मन से लड्डू गोपाल की सेवा करने से साधक के घर-परिवार में सु ...और पढ़ें

HighLights
- श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में होती है लड्डू गोपाल की पूजा।
- लड्डू गोपाल को लगाया जाता है कई चीजों का भोग।
- लड्डू गोपाल की सेवा से जीवन में आती है सुख-समृद्धि।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। लड्डू गोपाल (Laddu Gopal Puja Niyam) को भगवाम श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में पूजा जाता है। माना जाता है कि जिस घर में लड्डू गोपाल विराजमना होते हैं, और रोजाना विधिवत से इनकी पूजा-अर्चना की जाती है, वहां हमेशा सुख-समृद्धि का वास बना रहता है। कई बार लोग घर में जो बनाते हैं, उसका भोग लड्डू गोपाल को भी लगाते हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं कि लड्डू गोपाल को किन-किन चीजों का भोग लगाया जा सकता है।
लगाया जाता है इन चीजों का भोग
कई लोग अपने घर में जो भी खाने की वस्तु बनाते हैं, उसका भोग पहले लड्डू गोपाल को लगाते हैं। इस क्रम में लोग केक, चाय, बिस्किट और नमकीन जैसी चीजों का भोग भी लड्डू गोपाल को अर्पित करते हैं। लेकिन इससे पहले कुछ नियमों का ध्यान जरूर रखना चाहिए, वरना आपको भोग लगाने का पूर्ण फल नहीं मिलता।
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(Picture Credit: Freepik)
क्या कहते हैं नियम
आप घर में जो भी खाते या बनाते हैं, पहले उसका भोग लड्डू गोपाल को लगाना चाहिए। ऐसा करना काफी शुभ माना जाता है। लेकिन इस बात का खासतौर से ध्यान रखें कि आप जिस भी चीज का भोग लड्डू गोपाल को लगाते हैं, वह पूरी तरह से सात्विक होनी चाहिए।
साथ ही स्नान करने के बाद भोग लगाना चाहिए और इस दौरान स्वच्छता का भी पूरा ध्यान रखना चाहिए। अगर आप बाहर से खरीदी हुई वस्तु का भोग लड्डू गोपाल को लगा रहे हैं, तो इससे पहले पैकेट पर लिखी हुई साम्रगी को जरूर पढ़ लेना चाहिए।
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करें इस मंत्र का जाप
लड्डू गोपाल को भोग लगाते समय आप इस मंत्र का जप भी कर सकते हैं। ऐसा करने से भगवान आपके भोग को जल्दी स्वीकार करते हैं।
' त्वदीयं वस्तु गोविन्द तुभ्यमेव समर्पये। गृहाणे सम्मुखो भूत्वा प्रसीद परमेश्वर ।।
इस मंत्र का अर्थ है हे ईश्वर, जो भी मेरे पास है, वह सब आपका ही दिया हुआ है और मैं उसी को भोग के रूप में आपको अर्पित कर रहा हूं। इसे ग्रहण करें और अपनी कृपा मुझपर बनाएं रखें।
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