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लाडली जी को घर लाने का बना रहे हैं मन? तो भूलकर भी न तोड़ें सेवा के ये 3 कड़े नियम

Updated: Sat, 25 Apr 2026 09:39 AM (IST)

लाडली जी की पूजा राधा रानी के बाल स्वरूप के रूप में की जाती है। चलिए पढ़ते हैं लाडली जी को घर लाने और उनकी सेवा करने के जरूरी नियम।

लाडली जी की सेवा के नियम (Picture Credit: Freepik)

लाडली जी की सेवा के नियम (Picture Credit: Freepik)

HighLights

  1. लड्डू गोपाल के साथ करनी चाहिए लाडली जी सेवा

  2. लाडली जी की पूजा के बाद करनी चाहिए लड्डू गोपाल की पूजा

  3. पूजा के दौरान लाडली जी को कराएं पंचामृत से स्नान

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर घरों में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप 'लड्डू गोपाल' की पूजा और सेवा की जाती है, जिससे परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है। लेकिन कई भक्तों के मन में यह सवाल उठता है, कि क्या लड्डू गोपाल की तरह राधा रानी के बाल स्वरूप यानी 'लाडली जी' को भी घर में स्थापित किया जा सकता है?

लाडली जी की सेवा का महत्व

घर में लाडली जी की मूर्ति रखना और उनकी सेवा करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है। अगर आप अपने घर में लड्डू गोपाल के साथ लाडली जी को विराजमान करते हैं, तो इससे आपके जीवन में अद्भुत सकारात्मकता आती है। जिस प्रकार लड्डू गोपाल की पूरे भाव से सेवा की जाती है, वैसे ही लाडली जी की सेवा भी करनी चाहिए। माना जाता है कि राधा रानी को प्रसन्न करने से भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद स्वतः ही मिल जाता है।

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(Picture Credit: Freepik) 

लाडली जी के स्थापना के नियम

लाडली जी के बाल स्वरूप को अकेले रखने के बजाय हमेशा लड्डू गोपाल के साथ ही विराजमान करना चाहिए। आप राधा रानी जी की प्रतिमा को लड्डू गोपाल के दाएं हाथ की ओर (Right side) स्थापित कर सकते हैं। सनातन धर्म में आराध्य देव से पहले उनकी शक्ति की पूजा का विधान है। इसलिए प्रतिदिन पूजा करते समय सबसे पहले लाडली जी की आराधना करें और उसके बाद ही लड्डू गोपाल की पूजा-अर्चना करें।

लाडली जी की सरल पूजा विधि

  • प्रतिदिन लाडली जी की सेवा इस विधि-विधान से करनी चाहिए, तभी आपको पूजा का पूर्ण फल प्राप्त हो सकता है।
  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे कपड़े पहनें। घर के मंदिर में गंगाजल का छिड़काव कर शुद्धिकरण करें।
  • लाडली जी का पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) से अभिषेक करें और फिर शुद्ध जल से स्नान कराएं।
  • इसके बाद लाडली जी को साफ-सुथरी और सुंदर पोशाक पहनाकर उनका शृंगार करें।
  • राधा रानी को उनके फूल, अक्षत (चावल), चंदन और सुंगधित इत्र अर्पित करें।
  • राधा रानी जी को फल और मिठाई का भोग लगाएं और लाडली जी की पूजा के बाद लड्डू गोपाल की पूजा करें।
  • अंत में शुद्ध घी का दीपक जलाकर श्रद्धापूर्वक आरती करें।
  • मंगल की कामना करते हुए सभी परिवारजनों में प्रसाद बांटें।
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(Picture Credit- AI Generated)

राधा रानी जी के प्रभावशाली मंत्र

पूजा के समय लाडली जी की विशेष कृपा पाने के लिए इन मंत्रों का जप करें -

ॐ ह्रीं श्री राधिकायै नम:

ऊं ह्नीं राधिकायै नम:

ऊं ह्नीं श्रीराधायै स्‍वाहा।

श्री राधायै स्‍वाहा।

नमस्ते परमेशानि रासमण्डलवासिनी। रासेश्वरि नमस्तेऽस्तु कृष्ण प्राणाधिकप्रिये।।

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।