यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Mahabharat Katha: महाभारत ग्रंथ से लें ये सीख, जीवन में न दोहराएं इन पात्रों की गलतियां
महाभारत युद्ध को इतिहास के सबसे भीषण युद्धों में गिना जाता है। स्वयं भगवान श्रीकृष्ण इस युद्ध के साक्षी रहे जिन्होंने युद्ध न लड़कर भी इसमें एक महत्वप ...और पढ़ें

HighLights
- महर्षि व्यास द्वारा रचित है महाभारत ग्रंथ।
- कौरवों और पांडवों के बीच युद्ध का मिलता है वर्णन।
- व्यक्ति को कई तरह की सीख भी देता है यह ग्रंथ।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। जहां रामायण ग्रंथ व्यक्ति को जीवन में किन कार्यों को करना चाहिए, वहीं महाभारत ग्रंथ ((Mahabharata Important Life Lesson) ) व्यक्ति को यह सीखाता है कि व्यक्ति को अपने जीवन में किन गलतियों को नहीं करना चाहिए। ऐसे में चलिए जानते हैं कि आप महाभारत ग्रंथ से क्या शिक्षा ले सकते हैं।
ये है प्रमुख सीख
द्रौपदी के चीरहरण की घटना को महाभारत युद्ध का प्रमुख कारण माना जाता है। इस घटना पर बड़े-बड़े विद्वान और महान योद्धा भी चुप रहे, जिसका नतीजा उन सभी को युद्ध भूमि में मिला। ऐसे में इस ग्रंथ से व्यक्ति को यह सीख लेनी चाहिए कि महिलाओं का हमेशा सम्मान करना चाहिए, वरना इसका परिणाम बुरा ही होता है।
.jpg)
कर्ण की तरह न करें ये गलती
महाभारत युद्ध (Mahabharata wisdom) का एक महान योद्धा होने के बाद भी कर्ण को काफी बुरे अंत का सामना करना पड़ा, क्योंकि उसने यह जानते हुए भी दुर्योधन का साथ दिया कि वह गलत कर रहा है। इसलिए जितना हो सके बुरी संगति से दूर रहना चाहिए, वरना व्यक्ति के अच्छे कर्म भी नष्ट हो जाते हैं और उसे जीवन में बुरे परिणाम मिलने लगते हैं।
यह भी पढ़ें - Mahabharat Yuddh: महाभारत से जुड़े हुए हैं ये स्थान, जहां आज भी मौजूद हैं साक्ष्य
युद्ध नहीं है हल
.jpg)
महाभारत के भीषण युद्ध में हजारों सैनिकों और योद्धाओं ने अपनी जान गवाई। यदि कौरवों और पांडवों के बीच सुलह हो जाती तो, इस युद्ध को रोका जा सकता था। ऐसे में इससे हमें यह सीख लेनी चाहिए कि किसी भी समस्या को बातचीत से हल करने का प्रयास करना चाहिए। क्योंकि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है, इससे व्यक्ति को केवल नुकसान ही होता है।
खबरें और भी
रणनीति है जरूरी
यदि महाभारत के युद्ध में भगवान कृष्ण ने सारथी बनकर पांडवों का साथ नहीं दिया होता, तो युद्ध में पांडवों का जीतना मुश्किल था। श्रीकृष्ण की रणनीति (Mahabharata Valuable Lesson) से ही पांडवों को युद्ध में जीत मिली। ऐसे में हमें किसी भी कार्य को बिना रणनीति के नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे उस कार्य में सफलता मिलना काफी मुश्किल होती है।
यह भी पढ़ें - इस मंदिर के जल में स्नान करने से त्वचा रोग से मिलती है मुक्ति, यहां भगवान श्रीराम ने की थी तपस्या
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।