यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Mahakumbh Mela 2025: कब होगा महाकुंभ का 5वां अमृत स्नान? जानें डेट, महत्व और गंगा स्नान का समय
महाकुंभ (Mahakumbh Mela 2025) के अमृत स्नान का हिंदुओं के बीच बहुत बड़ा धार्मिक महत्व है। इस दिन लोग त्रिवेणी तट पर डुबकी लगाने जाते हैं। जल्द महाकुंभ ...और पढ़ें

HighLights
- अमृत स्नान का हिंदुओं के बीच बहुत बड़ा धार्मिक महत्व है।
- जल्द महाकुंभ का 5वां अमृत स्नान होने वाला है।
- इस दिन लोग त्रिवेणी तट पर डुबकी लगाने जाते हैं।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। महाकुंभ में रोजाना भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। हर रोज करोड़ों की संख्या में लोग संगम तट पर आस्था की डुबकी लगाने के लिए जा रहे हैं। अब तक 42 करोड़ से ज्यादा लोग त्रिवेणी पर डुबकी लगाने के लिए जा चुके हैं। ये संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, जबकि अभी 2 अमृत स्नान (Mahakumbh 5th Amrit Snan Muhurat) शेष हैं, तो चलिए इस दिन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों को जानते हैं।
(1).jpg)
कब है 5वां अमृत स्नान?
आस्था के इस मेले में पूरी दुनिया से लोग आ रहे हैं, जल्द ही 5वां अमृत स्नान 12 फरवरी यानी माघ पूर्णिमा के दिन होने वाला है, जिसकी तैयारियां अभी से ही शुरू हो गई हैं। महाकुंभ में अमृत स्नान का बहुत ज्यादा महत्व है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन संगम तट पर गंगा स्नान करने से जन्मोंजन्म के पापों का नाश हो जाता है। इसके साथ ही मोक्ष की प्राप्ति होती है।
यही वजह है कि लोग दूर-दूर से इस दौरान त्रिवेणी पर पावन डुबकी लगाने पहुंच रहे हैं।जानकारी के लिए बता दें, 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन महाकुंभ का अंतिम स्नान किया जाएगा।
यह भी पढ़ें: Magh Purnima 2025: माघ पूर्णिमा पर करें चंद्र देव के इन मंत्रों का जप, सभी दुख जल्द होंगे दूर
गंगा स्नान-दान मुहूर्त (Snan-Daan Muhurat)
वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ पूर्णिमा पर ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05 बजकर 19 मिनट से 06 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। अमृत काल शाम 05 बजकर 55 मिनट से 07 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। इसके साथ विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 27 मिनट से 03 बजकर 11 मिनट तक रहेगा।
इसके साथ ही इस दिन कोई अभिजित मुहूर्त नहीं है। इस दौरान आप किसी भी प्रकार का शुभ कार्य जैसे- गंगा स्नान और दान कर सकते हैं। बता दें, दान-पुण्य के लिए ब्रह्म मुहूर्त सबसे अच्छा माना जाता है।
अस्वीकरण: ''इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है''।