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    Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि आज, इस विधि से करें शिव पूजा, नोट करें सामग्री, भोग से लेकर सबकुछ

    Updated: Sun, 15 Feb 2026 08:36 AM (IST)

    महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2026) भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन का पवित्र पर्व है, जो फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को मनाया जाता है। इस दिन ...और पढ़ें

    Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पूजा विधि।

    Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पूजा विधि।

    HighLights

    1. महाशिवरात्रि आज मनाई जा रही है

    2. यह शिव-शक्ति के मिलन का प्रतीक है

    3. इस दिन पूजा-पाठ करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Mahashivratri 2026: आज महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जा रहा है। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन का प्रतीक है। हर साल यह पर्व फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा से न केवल जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं, बल्कि जीवन में सुख, शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है, तो चलिए इस दिन से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं, जो इस प्रकार हैं -

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    AI Generated Image

    पूजन सामग्री लिस्ट (Mahashivratri 2026 Samagri List)

    • गंगाजल, शुद्ध जल, कच्चा दूध, दही, शहद, घी और गन्ने का रस।
    • बिल्व पत्र, धतूरा, शमी के पत्ते, भांग, मंदार के फूल, सफेद चंदन और भस्म।
    • अक्षत, काले तिल, जनेऊ, कलावा, और इत्र।
    • माता पार्वती के लिए शृंगार की सामग्री।
    • धूप-दीप, कपूर, घी का दीपक और अगरबत्ती आदि।
    भोग (Bhog) - खीर और सफेद मिठाई।

    कैसे करें महादेव की पूजा? (Mahashivratri 2026 Puja Vidhi)

    • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।
    • व्रत का संकल्प लें।
    • शिवलिंग पर सबसे पहले जल चढ़ाएं।
    • उसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से अभिषेक करें।
    • अंत में फिर से गंगाजल या शुद्ध जल अर्पित करें।
    • शिवलिंग पर सफेद चंदन का तिलक लगाएं।
    • शिवजी को रोली या सिंदूर नहीं चढ़ाया जाता, इसका विशेष ध्यान रखें।
    • महादेव को बिल्व पत्र चढ़ाएं। इसके बाद धतूरा, भांग और शमी के पत्ते अर्पित करें।
    • इस दिन अक्षत, कनेर के सफेद फूल चढ़ाना भी बहुत फलदायी माना जाता है।
    • कंदमूल, फल, पंचामृत व मखाने की खीर का भोग लगाएं।
    • कुछ साधक भोग में भांग मिश्रित ठंडाई या सफेद मिठाई भी शामिल करते हैं।
    • माता पार्वती को शृंगार की सामग्री अर्पित करें और उनकी भी विधिवत पूजा करें।
    • 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जप करते हुए कपूर से भाव के साथ आरती करें।
    • पूजा में हुई सभी गलती के लिए माफी मांगे।

    इन बातों का रखें खास ध्यान (Mahashivratri 2026 Niyam)

    • शिवलिंग की कभी भी पूरी परिक्रमा नहीं की जाती। जलधारी को लांघना नहीं चाहिए, वहीं से वापस मुड़ जाना चाहिए।
    • शिव पूजा में शंख का प्रयोग वर्जित माना जाता है, इसलिए जल या दूध अर्पित करते समय लोटे का ही उपयोग करें।
    • महाशिवरात्रि की रात को 'सिद्धि रात' कहा जाता है। ऐसे में अगर आप पूरी रात जगकर शिव-शक्ति का ध्यान और पूजा-पाठ करते हैं, तो यह बहुत फलदायी माना जाता है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।