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    Masik Karthigai 2026: मार्च महीने में कब है मासिक कार्तिगाई? यहां जानें सही तिथि एवं शुभ मुहूर्त

    Updated: Sun, 08 Mar 2026 02:47 PM (IST)

    मासिक कार्तिगाई दीपम तिथि पर भगवान शिव ज्योत रूप में प्रकट हुए थे। इस शुभ अवसर पर देवों के देव महादेव और कार्तिकेय जी की पूजा की जाती है। यह पर्व दक्ष ...और पढ़ें

    Masik Karthigai 2026: मासिक कार्तिगाई का धार्मिक महत्व

    Masik Karthigai 2026: मासिक कार्तिगाई का धार्मिक महत्व

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में कार्तिगई दीपम पर्व का अति विशेष महत्व है। यह पर्व शिव परिवार को समर्पित है। इस शुभ अवसर पर भगवान शिव और कार्तिकेय जी की भक्ति भाव से पूजा की जाती है।

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    धार्मिक मत है कि कार्तिगई दीपम के दिन भगवान शिव की पूजा करने से साधक को पृथ्वी लोक पर सभी प्रकार के भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में व्याप्त सभी प्रकार के दुख और संकट दूर हो जाते हैं। इस दिन मंदिरों में भगवान शिव और मुरुगन की विशेष पूजा की जाती है। मासिक कार्तिगाई दीपम पर साधक व्रत भी रखते हैं। आइए, मासिक कार्तिगाई की सही तिथि एवं शुभ मुहूर्त एवं योग जानते हैं-

    मासिक कार्तिगाई शुभ मुहूर्त (Masik Karthigai 2026 Shubh Muhurat)

    वैदिक पंचांग के अनुसार, 23 मार्च को चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पञ्चमी और षष्ठी तिथि है। इस दिन पंचमी तिथि शाम 06 बजकर 38 मिनट तक है। इसके बाद षष्ठी तिथि शुरू होगी। वहीं, कृतिका नक्षत्र का संयोग रात 08 बजकर 49 मिनट तक है। कृतिका नक्षत्र के शुभ संयोग में मासिक कार्तिगाई मनाई जाती है। इसके लिए 23 मार्च को चैत्र माह की मासिक कार्तिगाई मनाई जाएगी।

    मासिक कार्तिगाई शुभ योग (Masik Karthigai 2026 Shubh Yog)

    ज्योतिषियों की मानें तो मासिक कार्तिगाई पर दुर्लभ प्रीति योग का संयोग बन रहा है। प्रीति योग का संयोग दोपहर 12 बजकर 22 मिनट से है। इसके साथ ही शिववास योग का भी संयोग है। शिववास योग पूर्ण रात्रि तक है। इस दौरान देवों के देव महादेव कैलाश पर जगत की देवी मां गौरी के साथ रहेंगे। शिववास योग के दौरान भगवान शिव की पूजा एवं भक्ति करने से साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होगी।

    पंचांग

    • सूर्योदय - सुबह 06 बजकर 22 मिनट पर
    • सूर्यास्त - शाम 06 बजकर 34 मिनट पर
    • ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 47 मिनट से 05 बजकर 35 मिनट तक
    • विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 19 मिनट तक
    • गोधूलि मुहूर्त - शाम 06 बजकर 33 मिनट से 06 बजकर 56 मिनट तक
    • निशिता मुहूर्त - रात 12 बजकर 04 मिनट से 12 बजकर 51 मिनट तक

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।