Masik Shivratri 2026: 16 या 17 जनवरी, कब है मासिक शिवरात्रि? नोट करें मुहूर्त और पूजा विधि
मासिक शिवरात्रि हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव और मां पार्वती को समर्पित एक महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन भक्त मनोकामना पूर्ति, सुख-सौ ...और पढ़ें
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Masik Shivratri 2026: मासिक शिवरात्रि का धार्मिक महत्व (Image Source: AI-Generated)
HighLights
शुक्रवार का दिन देवी मां लक्ष्मी को समर्पित है।
शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है।
मां लक्ष्मी की पूजा से आर्थिक तंगी दूर होती है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। मासिक शिवरात्रि का पर्व हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मनाया जाता है। यह दिन देवों के देव महादेव और मां पार्वती को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर भक्ति भाव से भगवान और मां पार्वती की पूजा की जाती है। साथ ही मनचाहा वरदान पाने के लिए मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है।

इस व्रत के पुण्य-प्रताप से साधक के सकल मनोरथ सिद्ध हो जाते हैं। विवाहित जातक सुख और सौभाग्य में वृद्धि के लिए व्रत रखते हैं। वहीं, अविवाहित जातक शीघ्र शादी के लिए व्रत रखते हैं। इस व्रत को करने से शीघ्र शादी के योग बनते हैं। साथ ही मनचाहा पार्टनर भी मिलता है। इसके लिए साधक (स्त्री और पुरुष) मासिक शिवरात्रि के दिन भगवान शिव और मां पार्वती की विशेष पूजा करते हैं। आइए, माघ माह की मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri Vrat Vidhi) की तिथि और शुभ मुहूर्त जानते हैं-
माघ शिवरात्रि शुभ मुहूर्त (Masik Shivratri 2026 Shubh Muhurat)
वैदिक पंचांग के अनुसार, 16 जनवरी को सुबह 10 बजकर 51 मिनट पर माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि शुरू होगी। वहीं, 18 जनवरी को देर रात 12 बजकर 33 मिनट पर माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि समाप्त होगी। मासिक शिवरात्रि के दिन (Mahadev Puja Rituals) निशा काल में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा होती है। इसके लिए 16 जनवरी को माघ महीने की मासिक शिवरात्रि मनाई जाएगी। इस दिन निशा काल में पूजा का समय देर रात 11 बजकर 42 मिनट से 12 बजकर 34 मिनट तक है।
माघ शिवरात्रि शुभ योग (Masik Shivratri 2026 Shubh Yog)
माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर ध्रुव और भद्रावास समेत कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं। इन योग में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होगी। साथ ही घर में सुख और समृद्धि का आगमन होगा।
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पूजा विधि
मासिक शिवरात्रि के दिन सूर्योदय से पहले उठें। इस समय भगवान शिव और मां पार्वती को प्रणाम करें। इसके बाद घर की साफ-सफाई कर गंगाजल युक्त पानी से स्नान करें। अब आचमन कर सफेद रंग का नवीन वस्त्र पहनें और सूर्य देव को जल का अर्घ्य दें। इसके बाद पंचोपचार कर भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करें। इस समय भगवान शिव को फल, फूल और मिष्ठान अर्पित करें। पूजा के दौरान शिव चालीसा का पाठ और शिव मंत्रों का जप करें। पूजा का समापन शिव जी की आरती से करें। इस समय भगवान शिव से सुख और सौभाग्य में वृद्धि की कामना करें।
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