Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Mauni Amavasya 2026: कब है मौनी अमावस्या? क्यों इतना महत्व रखता है इस दिन का स्नान?

    Updated: Fri, 05 Dec 2025 11:20 AM (IST)

    हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि को माह की प्रमुख तिथियों में स्थान दिया गया है। माघ माह में आने वाली मौनी अमावस्या को एक पर्व की तरह मनाया जाता है। इस दि ...और पढ़ें

    Mauni Amavasya 2026 Date

    Mauni Amavasya 2026 Date

    HighLights

    1. माघ अमावस्या को कहा जाता है मौनी अमावस्या।

    2. हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है मौनी अमावस्या।

    3. इस दिन गंगा स्नान करने से मिलता है पुण्य लाभ।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya 2026) के रूप में मनाया जाता है, जिसे मौनी अमावस भी कहते हैं। इस दिन को हिंदू धर्म में विशेष महत्व दिया जाता है। मौनी अमावस्या के दिन गंगा स्नान करना भी काफी पुण्यकारी माना गया है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि साल 2026 में मौनी अमावस्या कब मनाई जाएगी।

    कब है मौनी अमावस्या

    माघ माह की अमावस्या तिथि का प्रारंभ 18 जनवरी 2026 को देर रात 12 बजकर 3 मिनट पर हो रहा है। वहीं अमावस्या तिथि समापन 19 जनवरी 2026 को देर रात 1 बजकर 21 मिनट पर हो रहा है। ऐसे में मौनी अमावस्या 18 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी।

    Ganga I

    (Picture Credit: Freepik)

    मौनी अमावस्या का महत्व (Mauni Amavasya 2026 Date)

    हिंदू धर्म में, गंगा नदी को सर्वाधिक पवित्र नदी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन गंगा का जल अमृतमय हो जाता है। ऐसे में जो भी साधक इस दिन पर गंगा स्नान करता है, उसके जाने-अनजाने में किए गए पाप नष्ट हो जाते हैं।

    कई साधक केवल मौनी अमावस्या पर ही नहीं, पूरे माघ माह में रोजाना गंगा में पवित्र डुबकी लगाने का संकल्प लेते हैं। ऐसे में यह अनुष्ठान पौष पूर्णिमा से शुरू होकर माघ पूर्णिमा तक चलता है। माना जाता है कि इससे साधक को पुण्य फलों की प्राप्ति होती है।

    खबरें और भी

    Amavasya i (3)

    (Picture Credit: Freepik)

    शुभ माने जाते हैं ये काम

    मौनी अमावस्या के दिन 'मौन व्रत' करना का फाफी शुभ माना गया है। इस दिन कई साधक पूरे दिन मौन व्रत का पालन करते हैं। ऐसा करने से मन शांत रहता है। साथ ही इस दिन पर किसी पवित्र नदी विशेषकर गंगा में स्नान करने और दान-पुण्य करना भी विशेष महत्व माना गया है। इस कार्यों को करने से साधक के जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

    यह भी पढ़ें - Magh Mela 2026: कितने दिनों तक चलेगा माघ मेला, क्या रहेंगी शाही स्नान की तिथियां?

    यह भी पढ़ें - Paush Amavasya 2025: पौष अमावस्या पर जरूर करें इन खास चीजों का दान, मिलेगा अपार धन-दौलत का वरदान

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।