विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Nadi Dosha: कुंडली मिलान में कब और कैसे लगता है नाड़ी दोष? यहां समझें पूरा गणित

Published: Wed, 05 Nov 2025 06:00 PM (IST)

ज्योतिष शास्त्र में विवाह से पूर्व कुंडली मिलान का विशेष महत्व है, जिसमें नाड़ी दोष एक प्रमुख दोष है। यह ...और पढ़ें

Nadi Dosha: नाड़ी दोष कितने प्रकार के होते हैं?

Nadi Dosha: नाड़ी दोष कितने प्रकार के होते हैं?

HighLights

  1. भकूट दोष तीन प्रकार के होते हैं। 

  2. गुरु विवाह के कारक माने जाते हैं। 

  3. शुक सुखों के कारक माने जाते हैं। 

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में ज्योतिष शास्त्र का खास स्थान है। ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से व्यक्ति या जातक के जीवन की भविष्यवाणी की जाती है। इसके साथ ही विवाह और विवाह के बाद वैवाहिक जीवन की भी सटीक जानकारी ज्योतिष शास्त्र से मिल जाती है।

marriage

ज्योतिषियों की मानें तो विवाह से पूर्व वर और वधू का कुंडली मिलान अवश्य कराना चाहिए। कुंडली मिलान में कई प्रकार दोष लगते हैं। इनमें नाड़ी और भकूट दोष प्रमुख हैं। इसके अलावा, गण और मैत्री गुण का भी बारीकी से विचार किया जाता है। आइए, नाड़ी दोष के बारे में सबकुछ जानते हैं-


नाड़ी के प्रकार

ज्योतिष शास्त्र के जानकारों की मानें तो आदि नाड़ी, मध्य नाड़ी और अन्त्य नाड़ी तीन प्रकार की नाड़ी हैं। नाड़ी दोष लगने पर विवाह न करने की सलाह दी जाती है। अनदेखी करने से वर और वधू को वैवाहिक जीवन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वर और वधू के प्रेम-प्रसंग में होने पर विवाह से पूर्व नाड़ी दोष का निवारण अवश्य करा लेना चाहिए। हालांकि, निवारण के बाद ही प्रभाव शून्य या समाप्त नहीं होता है।

कब लगता है नाड़ी दोष?

ज्योतिषियों की मानें तो कुंडली मिलान में वर और वधू दोनों का एक नाड़ी होने पर नाड़ी दोष लगता है। आसान शब्दों में कहें तो वर और वधू दोनों की नाड़ी सेम (समान) होने पर दोष लगता है। यदि लड़के की नाड़ी मध्य और लड़की की भी नाड़ी भी मध्य है, तो नाड़ी दोष माना जाएगा। इस दोष के लगने से सेहत और वैवाहिक संबंध पर बुरा असर पड़ता है।

नाड़ी दोष निवारण

कुंडली मिलान में नाड़ी दोष लगने पर प्रकांड ज्योतिष से अवश्य सलाह लें। ज्योतिष की सहमति मिलने के बाद नाड़ी दोष का निवारण कराएं। नाड़ी दोष निवारण भी प्रकांड पंडित से कराएं। वहीं, वर और वधू की उपस्थिति में नाड़ी दोष का निवारण कराएं।

यह भी पढ़ें- Kharmas 2025 Date: कब लगेगा खरमास? शुरू होने से पहले निपटा लें ये शुभ कार्य, नोट करें तिथि और नियम

यह भी पढ़ें- नवंबर-दिसंबर में विवाह के शुभ मुहूर्त: नोट करें ये तिथियां, खरमास में नहीं होंगे मांगलिक कार्य

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।