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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Nag Panchmi 2024: इस दिन मनाई जाएगी नाग पंचमी, नोट करें तिथि और शुभ योग

    Updated: Mon, 15 Jul 2024 03:27 PM (IST)

    सनातन धर्म में श्रावण मास का बहुत धार्मिक महत्व है इस दौरान भगवान शिव की पूजा का विधान है। वहीं इस दौरान नाग पंचमी शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जा ...और पढ़ें

    Nag Panchmi 2024: नाग पंचमी 2024 शुभ योग -
    Nag Panchmi 2024: नाग पंचमी 2024 शुभ योग -

    HighLights

    1. सनातन धर्म में सभी तीज-त्योहारों का अपना एक खास स्थान है।
    2. यह पर्व नाग देवताओं की पूजा के लिए समर्पित है।
    3. इस साल यह पर्व 9 अगस्त को मनाया जाएगा।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में सभी तीज-त्योहारों का अपना एक खास स्थान है। वैसे ही नाग पंचमी का पर्व लोग बड़े ही धूमधाम के साथ मनाते हैं। यह पर्व नाग देवताओं की पूजा के लिए समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस मौके पर नाग देवता (Nag Panchami 2024) की पूजा करने और कठिन व्रत का पालन करने से सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है।

    इसके साथ ही व्यक्ति का जीवन कल्याण की ओर अग्रसर होता है, जब यह पर्व इतना करीब है, तो आइए इसकी तिथि-समय और शुभ योग के बारे में जान लेते हैं।

    नाग पंचमी 2024 तिथि और समय (Nag Panchami 2024 Date And Shubh Muhurat)

    हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि की शुरुआत 09 अगस्त को मध्य रात्रि 12 बजकर 36 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 10 अगस्त को देर रात्रि 03 बजाकर 14 मिनट पर होगा। उदयातिथि के आधार पर नाग पंचमी का पर्व 09 अगस्त को मनाया जाएगा। इसके अलावा नाग पंचमी की पूजा सुबह 05 बजकर 47 मिनट से लेकर 08 बजकर 27 मिनट के बीच होगी।

    नाग पंचमी 2024 शुभ योग (Nag Panchami 2024 Shubh Yog)

    वैदिक पंचांग के अनुसार अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजे से लेकर दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। इसके साथ ही अमृत काल रात्रि 07 बजकर 57 मिनट से 09 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। वहीं, विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 39 मिनट से दोपहर 03 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। यह समय किसी भी प्रकार के कार्य के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है।

    नाग पंचमी पर करें इस महामंत्र का जाप

    अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्।

    शंखपालं धार्तराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा।।

    एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम्।

    सायंकाले पठेन्नित्यं प्रात: काले विशेषत:।

    तस्मै विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत्।।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

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