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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Panchak August 2024: अगस्त में कब से शुरू हो रहे हैं पंचक? इसलिए वर्जित हैं मांगलिक कार्य

    Updated: Sat, 27 Jul 2024 04:18 PM (GMT+05:30)

    सनातन धर्म में पंचक को अशुभ दिनों में गिना जाता है। जल्द ही अगस्त माह की शुरुआत होने जा रही है। इस बार अगस्त माह (Panchak 2024 August) में 5 दिन शुभ क ...और पढ़ें

    Panchak August 2024: पंचक से जुड़ें महत्वपूर्ण नियम
    Panchak August 2024: पंचक से जुड़ें महत्वपूर्ण नियम

    HighLights

    1. पंचक में मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है।
    2. इस दौरान विशेष नियमों का पालन करना चाहिए।
    3. पंचक की अवधि 5 दिनों तक होती है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Panchak August 2024 Start Date and End Date: सनातन शास्त्रों में पंचक का अधिक महत्व है। पंचक के दौरान शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं, क्योंकि पंचक को अशुभ दिनों में गिना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि पंचक में शुभ और मांगलिक कार्यों को करने से जातक को शुभ परिणाम प्राप्त नहीं होता है। ऐसे में आइए जानते हैं पंडित हर्षित शर्मा जी से अगस्त 2024 में कब से लग रहे हैं?

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    अगस्त में इस दिन से लग रहे हैं पंचक

    पंचांग के अनुसार, अगस्त में पंचक का आरंभ 19 अगस्त, सोमवार को शाम को 07 बजकर 01 मिनट पर हो रहा है। वहीं, इसका समापन 23 अगस्त, शुक्रवार को रात्रि 07 बजकर 58 मिनट पर होगा।

    पंचक न करें ये कार्य

    पंचक के दौरान किसी भी तरह के कोई शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। जैसे- सगाई, विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, गृह निर्माण। इसके अलावा पंचक में घर की छत भी नहीं ढलवानी चाहिए। मान्यता है कि पंचक में किए गए कार्यों का शुभ परिणाम जातक को प्राप्त नहीं होता है और शुभ कार्य में बाधा आ सकती है। इसके अलावा चारपाई बनवाना भी वर्जित है।  

    पंचक क्यों हैं अशुभ

    आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हर महीने में पंचक की अवधि 5 दिनों की होती है। जब चन्द्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्र में विचरण करता है, तो उसे पंचक कहा जाता है। इन सभी नक्षत्रों को पार करने में चंद्रमा को लगभग पांच दिन का समय लगता है, इसलिए इसे पंचक के नाम से जाता है।

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    इस दिशा में न करें यात्रा

    अगर आप पंचक काल के दौरान कहीं की यात्रा की प्लानिंग बना रहे हैं, तो दिशा का विशेष ध्यान रखें। पंचक में दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करना चाहिए। अगर किसी जरुरी काम से यात्रा करनी है, तो ऐसे में कुछ कदम उत्तर दिशा में चलकर इस दिशा में यात्रा करें।

    पंचक के प्रकार

    रोग पंचक, राज पंचक, अग्नि पंचक, चोर पंचक, मृत्यु पंचक

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    डिसक्लेमर: इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहे।