यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Pitru Dosh Upay: पितृ दोष से छुटकारा पाने के लिए उपाय के साथ-साथ करें इन मंत्रों का जप
माना जाता है कि अगर पितरों का तर्पण और अंतिम संस्कार ठीक ढंग से न किया जाए तो इससे पितृ नाराज हो सकते हैं जिससे व्यक्ति को पितृ दोष (Pitra Dosh Remedy ...और पढ़ें

HighLights
- पितरों के नाराज होने पर लगता है पितृ दोष।
- पितृ दोष से बढ़ जाती हैं जीवन की परेशानी।
- रोजाना कुछ मंत्रों का भी कर सकते हैं जप।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। माना जाता है कि पितृ दोष (pitru Dosh Upay) लगने पर व्यक्ति को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। धन की समस्या से लेकर लड़ाई-झगड़े तक कई तरह की परेशानियां एकसाथ व्यक्ति को घेर लेती हैं। ऐसे में इससे मुक्ति के लिए कुछ उपाय भी बताए गए हैं, जिन्हें आजमाकर आप राहत पा सकते हैं।
कौन-सी है पितरों की दिशा
दक्षिण दिशा, पितरों की दिशा कही जाती है। ऐसे में रोजाना घर की इस दिशा में पितरों को याद करते हुए सरसों की तेल का दीपक जलाना चाहिए। आप इस दिशा में पितरों की तस्वीर भी लगा सकते हैं और रोजाना उनके सामने धूप, अगरबत्ती आदि जलाएं और फूलों की माला चढ़ाएं।
मिलेगी पितृ दोष से निजात
पीपल के पेड़ में पितरों में पितरों का वास माना जाता है। ऐसे में दोपहर के समय पीपल के पेड़ में जल चढ़ाना चाहिए और सात बार परिक्रमा करनी चाहिए। इसी के साथ पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक में सरसों का तेल और काले तिल डालकर छायादान करें। इससे आप अपनी स्थिति में राहत देख सकते हैं।
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शाम के समय करें ये काम
पितृ दोष से पीड़ित व्यक्ति को हर रोज शाम के समय आचमन कर स्वयं को शुद्ध करना चाहिए। इसके बाद मिट्टी के दीपक में तेल डालकर बाती जलाएं और छत पर दक्षिण दिशा में रख दें। इसके साथ ही पितरों का ध्यान करते हुए अपनी गलतियों के लिए माफी मांगे। इससे पितृ प्रसन्न होते हैं और साधक को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।
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बोलें ये मंत्र -
- ॐ श्री पितराय नमः
- ॐ श्री पितृदेवाय नमः
- ॐ श्री पितृभ्यः नमः
- ॐ श्री सर्व पितृ देवताभ्यो नमो नमः
- ॐ पितृभ्यः स्वधायिभ्यः पितृगणाय च नमः
- ॐ श्राध्दाय स्वधा नमः
- ॐ नमः शिवाय
- ॐ श्रीं सर्व पितृ दोष निवारणाय क्लेशं हं हं सुख शांतिम् देहि फट् स्वाहा
- ॐ पितृदेवताभ्यो नमः
- ॐ पितृ गणाय विद्महे जगत धारिणे धीमहि तन्नो पित्रो प्रचोदयात्

(Picture Credit: Freepik)
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।