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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 23, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Pradosh Vrat 2025 Daan: प्रदोष व्रत पर राशि अनुसार करें इन चीजों का दान, बन जाएंगे सारे बिगड़े काम

    By Pravin KumarEdited By: Pravin Kumar
    Updated: Sun, 23 Feb 2025 09:06 PM (IST)

    सनातन धर्म में मंगलवार का दिन राम भक्त हनुमान जी को समर्पित है। इस दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम राम संग हनुमान जी की पूजा की जाती है। साथ ही म ...और पढ़ें

    Pradosh Vrat 2025 Daan: भगवान शिव को कैसे प्रसन्न करें?
    Pradosh Vrat 2025 Daan: भगवान शिव को कैसे प्रसन्न करें?

    HighLights

    1. सनातन धर्म में त्रयोदशी तिथि भगवान शिव को समर्पित है।
    2. इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है।
    3. भौम प्रदोष व्रत करने से सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, मंगलवार 25 फरवरी को प्रदोष व्रत है। मंगलवार के दिन पड़ने के चलते यह भौम प्रदोष व्रत कहलाएगा। भौम प्रदोष व्रत पर भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने से आर्थिक तंगी से मुक्ति मिलती है। साथ ही भगवान शिव की कृपा साधक पर बरसती है।

    ज्योतिष शास्त्र में प्रदोष व्रत पर विशेष उपाय करने का विधान है। इन उपायों को करने से साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में सुखों का आगमन होता है। अगर आप भी देवों के देव महादेव को प्रसन्न करना चाहते हैं और कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत करना चाहते हैं, तो प्रदोष व्रत पर इन चीजों का दान अवश्य करें।

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    राशि अनुसार दान

    • मेष राशि के जातक प्रदोष व्रत के दिन गेहूं और मूंगफली का दान करें।
    • वृषभ राशि के जातक प्रदोष व्रत पर दूध, दही और चावल का दान करें।
    • मिथुन राशि के जातक प्रदोष व्रत के दिन हरी सब्जी और चूड़ी का दान करें।
    • कर्क राशि के जातक भौम प्रदोष व्रत के दिन सफेद रंग के वस्त्र का दान करें।
    • सिंह राशि के जातक प्रदोष व्रत के दिन पूजा के बाद अनार, गुड़ और गाजर का दान करें।
    • कन्या राशि के जातक भौम प्रदोष व्रत पर गन्ने का रस लोगों के मध्य वितरित करें।
    • तुला राशि के जातक प्रदोष व्रत के दिन पूजा के बाद चावल, चीनी और आटा का दान करें।
    • वृश्चिक राशि के जातक भौम प्रदोष व्रत के दिन मसूर दाल, सेब और लड्डू का दान करें।
    • धनु राशि के जातक भौम प्रदोष व्रत पर कपड़े और बेसन के लड्डू का दान करें।
    • मकर राशि के जातक प्रदोष व्रत के दिन काले रंग के वस्त्र और काले तिल का दान करें।  
    • कुंभ राशि के जातक भौम प्रदोष व्रत के दिन चमड़े के जूते-चप्पल और धन का दान करें।  
    • मीन राशि के जातक प्रदोष व्रत के दिन चने की दाल और पपीता का दान करें।

    शिव मंत्र

    1. सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्।

    उज्जयिन्यां महाकालं ओम्कारम् अमलेश्वरम्॥

    परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमशङ्करम्।

    सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारुकावने॥

    वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमीतटे।

    हिमालये तु केदारं घुश्मेशं च शिवालये॥

    एतानि ज्योतिर्लिङ्गानि सायं प्रातः पठेन्नरः।।

    2. ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

    उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

    3. नमामिशमीशान निर्वाण रूपं विभुं व्यापकं ब्रह्म वेद स्वरूपं।।

    4. ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥

    5. ॐ सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।

    शरण्ये त्रयम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते।।

    शिवजी की आरती

    ॐ जय शिव ओंकारा,स्वामी जय शिव ओंकारा।

    ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव,अर्द्धांगी धारा॥

    ॐ जय शिव ओंकारा...

    एकानन चतुराननपञ्चानन राजे।

    हंसासन गरूड़ासनवृषवाहन साजे॥

    ॐ जय शिव ओंकारा...

    दो भुज चार चतुर्भुजदसभुज अति सोहे।

    त्रिगुण रूप निरखतेत्रिभुवन जन मोहे॥

    ॐ जय शिव ओंकारा...

    अक्षमाला वनमालामुण्डमाला धारी।

    त्रिपुरारी कंसारीकर माला धारी॥

    ॐ जय शिव ओंकारा...

    श्वेताम्बर पीताम्बरबाघम्बर अंगे।

    सनकादिक गरुणादिकभूतादिक संगे॥

    ॐ जय शिव ओंकारा...

    कर के मध्य कमण्डलुचक्र त्रिशूलधारी।

    सुखकारी दुखहारीजगपालन कारी॥

    ॐ जय शिव ओंकारा...

    ब्रह्मा विष्णु सदाशिवजानत अविवेका।

    प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका॥

    ॐ जय शिव ओंकारा...

    लक्ष्मी व सावित्रीपार्वती संगा।

    पार्वती अर्द्धांगी,शिवलहरी गंगा॥

    ॐ जय शिव ओंकारा...

    पर्वत सोहैं पार्वती,शंकर कैलासा।

    भांग धतूर का भोजन,भस्मी में वासा॥

    ॐ जय शिव ओंकारा...

    जटा में गंगा बहत है,गल मुण्डन माला।

    शेष नाग लिपटावत,ओढ़त मृगछाला॥

    ॐ जय शिव ओंकारा...

    काशी में विराजे विश्वनाथ,नन्दी ब्रह्मचारी।

    नित उठ दर्शन पावत,महिमा अति भारी॥

    ॐ जय शिव ओंकारा...

    त्रिगुणस्वामी जी की आरती जो कोइ नर गावे।

    कहत शिवानन्द स्वामी,मनवान्छित फल पावे॥

    ॐ जय शिव ओंकारा...

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

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