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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Pradosh Vrat 2025: प्रदोष व्रत पर पूजा के समय करें नटराज स्तुति, कोसों दूर रहेंगी समस्याएं

    Updated: Tue, 07 Jan 2025 06:19 PM (IST)

    प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat January 2025) के दिन देवों के देव महादेव की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस दिन व्रत और प्रदोष काल में शिव जी की पूजा कर ...और पढ़ें

    Pradosh Vrat 2025 प्रदोष व्रत पर इस तरह करें शिव जी को प्रसन्न।
    Pradosh Vrat 2025 प्रदोष व्रत पर इस तरह करें शिव जी को प्रसन्न।

    HighLights

    1. प्रदोष व्रत पर होती है भगवान शिव की आराधना।
    2. प्रदोष काल में पूजा करने से मिलते हैं शुभ फल।
    3. व्रत करने से मिलती है भगवान शिव की कृपा।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर माह की त्रयोदशी तिथि पर भगवान शिव के निमित्त प्रदोष व्रत किए जाने का विधान है। ऐसे में हर माह में दो बार प्रदोष व्रत किया जाता है। ऐसे बार शुक्ल पक्ष में और एक बार कृष्ण पक्ष में। पौष माह को शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी पर साल 2025 का पहला प्रदोष व्रत किया जाएगा। इस दिन पर आप नटराज स्तुति का पाठ कर शिव जी की असीम कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

    प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त

    पौष माह को शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 11 जनवरी को सुबह 08 बजकर 21 मिटन पर शुरू हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन 12 जनवरी को सुबह 06 बजकर 33 मिनट पर होने जा रहा है। प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल में करने का विधान है। ऐसे में प्रदोष व्रत शनिवार, 11 जनवरी 2025 को किया जाएगा। इस दिन शिव जी की पूजा का मुहूर्त ये रहने वाला है -

    प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त - शाम 05 बजकर 43 मिनट से 08 बजकर 26 मिनट तक

    ।। नटराज स्तुति पाठ।।

    सत सृष्टि तांडव रचयिता

    नटराज राज नमो नमः ।

    हे आद्य गुरु शंकर पिता

    नटराज राज नमो नमः ॥

    गंभीर नाद मृदंगना

    धबके उरे ब्रह्माडना ।

    नित होत नाद प्रचंडना

    नटराज राज नमो नमः ॥

    शिर ज्ञान गंगा चंद्रमा

    चिद्ब्रह्म ज्योति ललाट मां ।

    विषनाग माला कंठ मां

    नटराज राज नमो नमः ॥

    तवशक्ति वामांगे स्थिता

    हे चंद्रिका अपराजिता ।

    चहु वेद गाए संहिता

    नटराज राज नमोः ॥

    शिव जी को प्रसन्न करने के लिए प्रदोष व्रत एक उत्तम तिथि मानी जाती है। ऐसे आप इस तिथि पर विशेष महादेव की पूजा-अर्चना द्वारा सुख-समृद्धि की प्राप्ति कर सकते हैं। इस दिन पर शिव जी के मंत्रों के साथ-साथ नटराज स्तुति का पाठ करना भी विशेष लाभकारी माना जाता है।

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    शिव जी के मंत्र -

    ॐ नमः शिवाय॥

    महामृत्युञ्जय मन्त्र - ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्

    उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

    शिव गायत्री मन्त्र - ॐ महादेवाय विद्महे रुद्रमूर्तये धीमहि

    तन्नः शिवः प्रचोदयात्॥

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